रीवर साइड झा मेडिकल चाैक के समीप रविवार को हाइवा की चपेट में आने से एक सीसीएलकर्मी की मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने रीवर साइड-गिद्दी मार्ग को जाम कर दिया। आंदोलनकारी मृतक के आश्रित को नौकरी और मुआवजा का भुगतान तत्काल करने की मांग कर रहे थे। सीसीएल प्रबंधन द्वारा एक महीना के अंदर आश्रित को नौकरी और कंपनी के प्रावधान के अनुरूप बकाया राशि का भुगतान करने के आश्वासन के बाद जाम हटा।
भुरकुंडा पुलिस ने शव को अपने कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए रामगढ़ भेज दिया। घटनाक्रम के अनुसार रीवर साइड गिद्दी मोड़ निवासी सह उरीमारी परियोजना में डंपर आॅपरेटर के पद पर कार्यरत जाफर इमाम 45 वर्ष अपनी बाइक जेएच 02 एजे 3530 से झा मेडिकल चाैक रीवर साइड की ओर आ रहे थे। इसी क्रम में रीवर साइड मेन रोड की ओर से तेज गति से आ रहे हाइवा जेएच 01 एडब्ल्यू 1621 की चपेट में आ गए। दुर्घटना में जाफर इमाम व बाइक दोनों हाइवा के पिछले चक्के के बीच में दब गए। जिसके कारण घटना स्थल पर उनकी मौत हो गई। इधर घटना के बाद हाइवा चालक फरार हो गया।
शव के साथ रीवर साइड गिद्दी सड़क जाम की
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय आक्रोशित लोगों ने रीवर साइड-गिद्दी मेन रोड को शव के साथ जाम कर दिया। आक्रोशित लोग सीसीएल प्रबंधन से मृतक के आश्रित को तत्काल नौकरी और मुआवजा की मांग कर रहे थे। जानकारी मिलते ही भुरकुंडा थाना प्रभारी रघुनाथ सिंह दलबल के साथ घटना स्थल पर पहुंचे। थाना प्रभारी ने लोगों को काफी समझाने-बुझाने का काम किया। लेकिन आक्रोशित लोग अपनी मांगों पर डटे रहे। इस बीच पुलिस और स्थानीय लोगों में नोक-झोंक भी हुई। सूचना के बाद उरीमारी पीओ पीसी राय और यूनियन नेता घटना स्थल पर पहुंचे। जहां पीओ पीसी राय ने मृतक के परिजन और यूनियन नेताओं के साथ वार्ता किया। वार्ता में पीओ ने कहा कि तत्काल नौकरी देने में असमर्थ हैं। पूरी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाएगी। नौकरी और मुआवजा में समय लगेगा। पीओ के बात से आक्रोशित लोगों ने कहा कि जब तक नौकरी और मुआवजा नहीं मिलेगा शव को उठाने नहीं देंगे। बरका-सयाल प्रक्षेत्र के एसओपी आरआर श्रीवास्तव द्वारा एक माह के अंदर के अंदर आश्रित को नौकरी और मुआवजा देने का लिखित आश्वासन के बाद आंदोलन खत्म हुआ। पुलिस शव को अपने कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वार्ता में उरीमारी पीओ पीसी राय, आरसीएमएस के क्षेत्रीय सचिव राजू यादव, कोफिमयू के एरिया उपाध्यक्ष संतोष यादव, रामनरेश सिंह, नारायण चंद्र भौमिक, विश्वरंजन सिन्हा, धनंजय सिंह, जगरनाथ पासवान, पतरातू सर्किल इंस्पेक्टर विपिन कुमार, भुरकुंडा थाना प्रभारी रघुनाथ सिंह, सअनि कामता प्रसाद, आरके सिंह, बालेश्वर सिंह, बलजीत सिंह, अनुज पांडेय, सरोज सिंह, सुधीर पांडेय, शशिकांत सिंह, रविकांत सिंह सहित दर्जनों लोग शामिल थे।
सीसीएल प्रबंधन ने दिया लिखित आश्वासन
रीवर साईड में सीसीएलकर्मी जाफर इमाम की दुर्घटना में मौत होने के बाद सीसीएल बरका-सयाल प्रक्षेत्र के एसओपी आरआर श्रीवास्तव ने नौकरी व मुआवजा की मांग को लेकर लिखित आश्वासन दिया। लिखित आश्वासन में प्रबंधन ने कहा कि 9.4.0 मृत्यु के एवज में प्रावधान के तहत आवेदन को 15 दिनों में मुख्यालय भेजकर एक महीने में नौकरी सुनिश्चित करवा दी जाएगी। जैसा कि भूमिगत खदान उरीमारी के केस में प्रबंधन द्वारा नौकरी दिया गया था। इसके अतिरिक्त उपादान राशि, सीएमपीएफ ग्रेच्यूटी, छुट्टी सहित जो भी बकाया कंपनी के नियमानुसार होगा उसका भुगतान कर दिया जाएगा। इसके अलावे जो एरिया जो भुगतान किया जाना है वह 15 दिनों के अंदर कर दिया जाएगा।
पिता के शव से लिपटकर बिलख रहा था पुत्र
घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मृतक के इकलौते पुत्र अतहर अपने पिता के शव के साथ लिपटकर दहाड़ मारकर रो रहा था। साथ ही पिता के चले जाने के बाद अपने परिवार के भविष्य की बातें कहते हुए चीत्कार कर रहा था। जिसे देखकर आमजनों की आंखें भी नम हो गई। मृतक अपने पीछे प|ी, एक पुत्र और एक पुत्री सहित भरा पूरा परिवार छोड़कर गए हैं।
दुर्घटना में सीसीएलकर्मी की मौत के बाद सड़क जाम करते लोग।
जाफर इमाम।
यूनियन नेता और ग्रामीणों से वार्ता करते उरीमारी पीओ।
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