अमृतसर.देश में फैले ट्रैवल एजेंटों द्वारा भोले-भाले युवकों को नौकरी का झांसा देकर विदेश भेजने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। यह लोग बेहतर भविष्य की तलाश में लाखों खर्च कर चले तो जाते हैं लेकिन उनको वहां धोखा ही मिलता है। ऐसे ही धोखे के शिकार 14 युवक मंगलवार को श्री गुरु रामदास इंटरनेशनल एयरपोर्ट के जरिए वतन लौटे। सरबत दा भला ट्रस्ट के मुखी डॉ. एसपी सिंह ओबेराय की पहल पर सही-सलामत आए युवकों ने जहां फर्जी ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है वहीं दूसरों को भी आगाह किया है कि ऐसे एजेंटों से बचें।

विदेश जाने से पहले अच्छी तरह पड़ताल जरूर करें

वतन लौटे युवकों होशियारपुर के वरुण, अमनदीप सिंह, मनप्रीत सिंह, विशाल शर्मा, मनदीप सिंह, प्रवीण कुमार, अमनदीप, कपूरथला के बलविंदर कुमार, पटियाला के नीतीश चंदला, खरड़ के भवनप्रीत सिंह, फागवाड़ा के राज किशोर भार्गव, हरियाणा के दीपक तथा हिमाचल के विकरन और गोपाल ने बताया कि हमें उनसे ट्रैवल एजेंटों ने दो से तीन लाख रुपए लिए थे। हमारी अपील है-विदेश जाने से पहले अच्छी तरह पड़ताल जरूर करें।

दुबई में फंसी हैं 104 लड़कियां

डॉ. ओबेराय ने बताया कि कुल 29 युवाओं में से 10 के कागज पूरे थे, जिनको पहले ही वतन लाया जा चुका है। 14 आज आए और 5 भी जल्द वापस आ जाएंगे। उनका कहना है कि दुबई में 104 भारतीय लड़कियां भी फंसी हुई हैं। उनको भी वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं।

इधर, बादल की राह परकैप्टन-एक्ट बदला, शक्ति नहीं

सुप्रीम कोर्ट की हिदायतों के बावजूद सूबे में ट्रैवल एजेंटों का पंजीकरण सख्ती से लागू नहीं हुआ है। बादल सरकार ने ‘पंजाब प्रिवेंशन ऑफ ह्मयूमन स्मगलिंग एक्ट (2012) को ‘दी पंजाब ट्रैवल प्रोफेशनल रेगुलेशन एक्ट-2012 बनाकर खानापूर्ति की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कांग्रेस सरकार ने भी 3 साल में फर्जी ट्रैवल एजेंटों पर कार्रवाई के आदेश तो दिए, लेकिन कोई सख्त नीति नहीं बनाई है।




दुबई से लौटे युवकों ने फर्जी ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।



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