रूपेश कुमार, फारबिसगंज.कोरोना वायरस को लेकर जारी आतंक के बीच डॉक्टर से लेकर विशेषज्ञ तक सभी लोगों को चेहरे पर मास्क लगाने और हैंड सैनिटाइजर के उपयोग की सलाह दे रहे हैं। लेकिन लोग जब दवा दुकानों पर जा रहे हैं तो मास्क से लेकर सैनिटाइजर नहीं मिल रहा है। दुकान में कुछ दिन पहले तक खूब सैनिटाइजर मिल रहा था। लेकिन अब नदारद है।

शनिवार को भास्कर ने थाेक और रिटेल मिलाकर करीब 250 दुकानाें की पड़ताल की। जहां महज दो से तीन दुकानों में सैनिटाइजर मिला। नाम नहीं छापने की शर्त पर दुकानदारों ने बताया कि ग्राहकों को आपूर्ति करना मुश्किल हो रहा है और महामारी की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। दुकानदारों का कहना है कि 4 दिन पहले तक सैनिटाइजर उपलब्ध था, लेकिन अब नहीं मिल रहा है। कुछ समय पहले, मास्क समस्या बन गया था। एन-95 मास्क ताे दूर सामान्य मास्क भी नहीं मिल रहे हैं। वही पड़ताल में कुछ दुकानों में मास्क मिले, लेकिन उसकी कीमत दोगुनी है। भले ही वह मास्क कोरोना वायरस से बचाव में उपयुक्त हो या न, लेकिन कीमत अधिक है।

सैनिटाइजर के लिए नेपाल का ले रहे सहारा

सैनिटाइजर के लिए लोग पड़ोसी राष्ट्र नेपाल का सहारा ले रहे हैं, जहां 300 से 400 रुपए में यह उपलब्ध हो रहा है। लेकिन फिलहाल नेपाल से लाना खतरे से खाली नहीं है, क्योंकि संक्रमण का खतरा बरकरार है।

सप्लाई की तुलना में नहीं हाे रही आपूर्ति

आरएस इंटरप्राईजेज, केबी डिस्ट्रीब्यूटर, गोपाल इंटरप्राइजेज, न्यू पटना ड्रग एजेंसी, न्यू कृष एजेंसी के प्रोपराइटर का कहना है कि सप्लाई की तुलना में सीएनएफ द्वारा आपूर्ति नहीं हो रही है। जिसके चलते काफी दिक्कत हो रही है। बताते चलें कि केंद्र सरकार ने मास्क और हैंड सैनिटाइजर को आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत अधिसूचित कर दिया है। एमआरपी से ज्यादा कीमत लेने पर अपराध घोषित किया गया है। बावजूद मास्क व सैनिटाइजर की खूब कालाबाजारी हो रही है।



दवा दुकानदार के पास नहीं मिल रहा सैनिटाइजर।



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