अखिल भारतीय जन क्रांति परिषद के तत्वावधान में बरारी के मशरूम उत्पादक प्रवीण कुमार मेहता के आवास पर कंपनी मेन पावर ग्रुप पावर प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें प्रशिक्षक महेश कुमार सिंह के द्वारा मशरूम पूर्णता शाकाहारी एवं पौष्टिक आहार है।
इसके बारे में विस्तार से बताया गया। उन्होंने बताया कि कई प्रकार के औषधीय गुणों से युक्त मशरूम की खेती भूमिहीन किसानों के लिए एक वरदान है। बहुत कम लागत में इस खेती को को एक छोटे कमरे में प्रारंभ किया जा सकता है। कंपनी की ओर से किसानों के रजिस्ट्रेशन के बाद व्यवसायी को स्पान और टेक्निकल सपोर्ट उपलब्ध कराया जाता है। इतना ही नहीं उत्पादित मशरूम भी कंपनी किसानों से खरीद लेती है।
कंपनी के सलाहकार महेश कुमार के अनुसार महज 10 हजार की लागत से इस व्यवसाय को प्रारंभ कर सिर्फ 12 से 18 माह में आसानी से 30 से 50 हजार की आमदनी की जा सकती है। इस संबंध में आत्मा केंद्र के उपनिदेशक शशि कुमार झा ने कहा कि मशरूम की खेती एक लाभदायक व्यवसाय है और सरकार द्वारा स्वयं सहायता समूह को कई प्रकार की वित्तीय एवं प्रशिक्षण संबंधी सुविधाएं उपलब्ध करया जाता है।
बरारी के प्रखंड कृषि पदाधिकारी राम रतन सिंह के अनुसार मशरूम की खेती का प्रयास एक सराहनीय प्रयास है और कम लागत में इस व्यवसाय के माध्यम से अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है।इस अवसर पर अखिल भारतीय जन क्रांति परिषद के संस्थापक नवीन कुमार, जनक्रांति परिषद के अध्यक्ष अमन कुमार, विपिन चौधरी, बालकृष्ण पटेल, मोहम्मद फरीद, मोहम्मद सउद सहित दर्जनों युवा किसान मौजूद थे।
मशरूम की खेती का प्रशिक्षण लेते युवा किसान।

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