अररिया आरएस निवासी जितेंद्र कुमार गुप्ता की पहली पुस्तक “बेगाना बोल” का विमोचन शुक्रवार को अल फालाह एकेडमी में किया गया। पुस्तक का प्रकाशन जोधपुर से योर कोट वालों ने नि:शुल्क किया है। इस दौरान सांस्कृति कार्यक्रम के साथ काव्य गोष्ठी भी हुई।
अपनी पुस्तक पर चर्चा करते हुए बताया कि कब तक जवान शहीद होते रहेंगे। “जरा थक गया हूं जरूर, शूल चुभे हैं पांव में, भले लंगड़ा रहा हूं पर इसका मतलब कतई नहीं कि चलना छोड़ दिया। मासूम सा चेहरा, उसका दो नयन मोती से उनके और भोजपुरी गजल दर्द देके जिया में भूला देबे वाला गीत गजल सुनाकर महफिल में बैठे श्रोताओं को मोह लिया। सांस्कृति कार्यक्रम में छात्र को भी खूब प्रशंसा मिली। इसमें शद्दाम, तौसिर, शाहनवाज, अकबर, इजराइल, सलाम, मूसफिक ने बेहतर प्रस्तुति दी। कार्यक्रम को सफल बनाने में मतलूब साहब, तहसीन, नदीम, नाजनी, मंजू देवी, स्कूल के डायरेक्टर रहमान साहब और प्राचार्य खुर्शीद का योगदान रहा। बताते चलें कि जितेंद्र की कविताएं संवदियां, जन आंकाक्षा, परमाण टाइम्स, नव पल्लव, जल ढाका दर्पण, दैनिक भास्कर अहा जिंदगी आदि पत्रिकाओं में लगातार प्रकाशित हो रही है। उन्हें नव पल्लव पटना से साहित्य गौरव सम्मान और जन लेखक संघ मधेपुरा से साहित्य सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। उनकी इस सफलता पर भोला पंडित प्रणयी, मांगन मिश्र मार्तंड, अतुल्य मल्लिक अंजान, कार्तिक झा मनहरण, प्रबुद्ध कश्यप, अजित रंजन, राहुल विद्यार्थी, रहबान अली राकेश, बसंत राय, महेंद्र गुप्ता, राहुल पाठक आदि ने बधाई दी है।
पुस्तक का विमोचन करते साहित्यकार व अन्य।

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