नई दिल्ली.दिल्ली विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद से कांग्रेस में मची उथल पुथल के बीच अब गांधी-नेहरू परिवार के खिलाफ भी सुर उठने लगे हैं।
राहुल गांधी काे अप्रैल में एक बार फिर कांग्रेस अध्यक्ष बनाने की चर्चाओं के बीच सांसद शशि थरूर और पूर्व सांसद संदीप दीक्षित ने नेतृत्व के मुद्दे पर सवाल उठाए हैं।
संदीप ने एक इंटरव्यू में कहा कि इतने महीने बाद भी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नया अध्यक्ष नहीं नियुक्त कर सके। इसकी वजह यह है कि वे सब यह सोचकर डरते हैं कि बिल्ली के गले में घंटी कौन बांधे।
थरूर ने कहा- वर्कर्स में जाेश भरने काे नेतृत्व का चुनाव जरूरी

शशि थरूर ने भी संदीप का समर्थन किया।
उन्हाेंने ट्वीट कर कहा कि संदीप ने जो बातें सार्वजनिक ताैर पर कही हैं, वह देशभर में पार्टी के दर्जनों नेता निजी तौर पर कह रहे हैं।
इनमें से कई ताे जिम्मेदार पदों पर हैं।
उन्होंने कांग्रेस कार्यसमिति से फिर आग्रह किया कि कार्यकर्ताओं में जाेश भरने और मतदाताओं को प्रेरित करने के लिए नेतृत्व का चुनाव करवाएं। इससे पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया भी घेर चुके हैं।
पार्टी ने कहा- बयानबाजी के बजाय अपने क्षेत्राें में मेहनत करें नेता
कांग्रेस ने कहा कि बयानबाजी करने वाले नेता पूरे देश काे ज्ञान देने के बजाय अपने क्षेत्र में जाकर मेहनत करें। सोचें कि वह खुद चुनाव क्यों हारे? संदीप के बयान के बारे में पूछने पर मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘मैंने संदीप का बयान नहीं देखा है। लेकिन मैं उनके समेत सभी नेताओं से कहता हूं कि पहले यह देखें कि जब चुनाव लड़े तो कितने वोट आए और चुनाव क्यों हारे? इसमें मैं भी हूं।

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