नई दिल्ली/चंडीगढ़.भारतीय छात्र संसद (बीसीएस) के राष्ट्रीय सम्मेलन में सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को पंजाब में बेहतर शासन के लिए प्रतिष्ठित ‘आदर्श मुख्यमंत्री’ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान बीसीएस के 4 दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के 10वें समारोह के आखिरी दिन पूर्व राष्ट्रपति और भारत रत्न प्रणब मुखर्जी ने भेंट किया। बीसीएस ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के विशाल तजुर्बे और अमल में लाए नैतिक मूल्यों को स्वीकार किया।
इस दौरान कैप्टन ने राजनीति में कूदने की इच्छा रखने वाले छात्रों को अपने-अपने राज्य के सामाजिक-आर्थिक क्षेत्र के साथ-साथ जन सांख्यिकीय जैसी स्थिति से अच्छी तरह परिचित होने की अपील की। उन्होंने कहा कि आप ताकत या ठाठ-बाठ के लिए सत्ता में न आएं, बल्कि देश सेवा और अपने राज्य को और बेहतर बनाने के लिए सक्रिय हों। राजनीति आसान पेशा नहीं है बल्कि 24 घंटे सक्रिय रहना पड़ता है।
सांसद बनने के बाद हुए कई अहसास
अनुभव साझा करते हुए कैप्टन ने कहा कि 1980 में संसद बनने के कुछ साल बाद एहसास हुआ कि राज्य के बुनियादी सामाजिक-आर्थिक दौर पर पकड़ बनाने के लिए प्रांतीय राजनीति में जाना चाहिए। इसके बाद चुनाव लड़ा और विस पहुंचा। उनकी सरकार के सामने नशा बड़ी समस्या है।
अच्छे मौके की तलाश में युवा जा रहे बाहर
पंजाब से नौजवानों का विदेशों की तरफ कूच करने के प्रति चिंता जाहिर करते हुए कैप्टन ने कहा कि अच्छे मौकों की खोज में नौजवान विदेश जा रहे हैं। उनकी सरकार नौजवानों को रोजगार के बेहतर मौके मुहैया करवा कर इस रुझान को तत्काल रोकने की कोशिश कर रही है।

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