वीरकुंवर सिंह विश्वविद्यालय में गेस्ट टीचर का इंटरव्यू सुस्त रफ्तार से चल रहा है। जनवरी माह में इंटरव्यू पूरा कर शिक्षकोें का योगदान करा लेने का दावा विश्वविद्यालय प्रबंधन ठोंक रहा था। आधी फरवरी माह गुजर जाने के बाद भी अभी तक 10 विषयों का इंटरव्यू विश्वविद्यालय प्रबंधन पूरा नहीं कर सका है। इसको लेकर विश्वविद्यालय की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे है। इतिहास, हिंदी, भूगाेल, राजनीति शास्त्र, गृहविज्ञान, समाजशास्त्र, प्राचीन इतिहास, लोकप्रशासन, मनोविज्ञान एवं बंगला विषय का इंटरव्यूू अब तक वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में पूरा नहीं हो सका है। 28 जनवरी को दर्शनशास्त्र विषय का इंटरव्यू लिया गया था। उसके बाद से इंटरव्यू की प्रक्रिया पर विराम सा लग गया है। इतिहास, भूगोल सहित अन्य विषयों के अभ्यार्थियों ने बताया कि इंटरव्यू की तिथि को लेकर हमलोग कई दिनों से विश्वविद्यालय के गलियारों का चक्कर काट रहे है। इंटरव्यू कब होगा, इसका उचित जवाब नहीं मिल पा रहा है। अधिकारी भी इस विषय पर बोलने से कतरा रहे है।
राेस्टर को लेकर फंसा पेच
गेस्ट टीचर की बहाली का मामला रोस्टर को लेकर फंसा हुआ है। सीसीडीसी डॉ हीरा प्रसाद सिंह ने कहा कि राजभवन के द्वारा रोस्टर का मामला क्लीयर नहीं किया जा रहा है। इसको लेकर परेशानी आ रही है। रोस्टर क्लीयर हो जाने पर जिन विषयों के शिक्षकों का इंटरव्यू करा लिया गया है।
तीन हजार 668 सरकारी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने का रखेगा गया है लक्ष्य
राज्य के कुल तीन हजार 668 सरकारी भवनों में बारिश का पानी बचाने का काम इसी साल पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पूरे राज्यभर में कुल 7 हजार 940 यूनिट बनाया जायेगा। नीति आयोग ने भी जल संरक्षण को लेकर पहल करने की बात कही है।
वीकेएसयू सहित अन्य कॉलेजों में जलसंचय को लेकर बनेगा रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय सहित अन्य कॉलेजों में जल संचय को लेकर रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाया जाएगा। इसको लेकर कवायद तेज कर दिया गया है। बिहार सरकार और राजभवन ने सूबे के सभी विश्वविद्यालय को पत्र जारी कर इस दिशा में कार्य करने का आदेश जारी किया है। गर्मी के दिनों पानी की किल्लत को देखते हुए सरकार के द्वारा यह कदम उठाया गया है। कुलपति प्रो देवी प्रसाद तिवारी को विश्वविद्यालय के सभी अंगीभूत एवं संबंद्ध कॉलेजों में रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने का टॉस्क सौंपा गया है। कई कॉलेजों में इसको लेकर पहल भी शुरू कर दिया गया है।
रोल मॉडल बनने के लिए कॉलेजों में बनेगा रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम : बारिश का पानी बचाने के लिए कॉलेजों में रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम बनेगा। कुलसचिव श्यामानंद झा ने बताया कि रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाकर कॉलेज रोल मॉडल बनेगा। पिछले दिन राजभवन में हुई बैठक में इसको लेकर मंथन भी हुआ था। तमाम कॉलेज और निजी शैक्षणिक संस्थान में इसको बनाने का निर्णय लिया गया था। कॉलेज, निजी विद्यालय एवं प्रशासिनक भवन के छत के ऊपर यह रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने का आदेश दिया गया था। बिहार सरकार नगर विकास एवं आवास विभाग के उपसचिव केडी प्रौज्ज्वल ने सभी सार्वजनिक स्थलों, सरकारी संस्थानाओं व शैक्षणिक संस्थानाओं में बारिश का पानी बचाने के लिये ऐसी पहल शुरू करने का फरमान जारी किया है। विश्वविद्यालयों को अपने-अपने कॉलेजों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम जल्द से जल्द तैयार करने को कहा है ताकि जल का संरक्षण किया जा सके।
इन विषयों का हो चुका है इंटरव्यू
वाणिज्य, गणित, भौतिकी, बॉटनी, जूलोलॉजी, दर्शनशास्त्र, प्राकृत, संस्कृत, एलएसडब्लू, अर्थशास्त्र, ऊर्दू एवं अग्रेंजी विषय का इंटरव्यू पूरा हो चुका है। इन विषयों के अभ्यार्थी भी फाइनल सूची का प्रकाशन कब होगा इसको लेकर प्रशासनिक भवन का चक्कर काट रहे है।
इन विषयों का नहीं हुआ इंटरव्यू
इतिहास, हिंदी, भूगाेल, राजनीति शास्त्र, गृहविज्ञान, समाजशास्त्र, प्राचीन इतिहास, लोकप्रशासन, मनोविज्ञान एवं बंगला का इंटरव्यू अब तक नहीं हो सका है। गौरतलब हो कि सबसे ज्यादा अभ्यार्थी इतिहास, हिंदी एवं भूगोल सहित अन्य विषयों के लिए आवदेन डाले है। इंटरव्यू की प्रक्रिया लंबित होने से विश्वविद्यायल की कार्य-संस्कृति पर सवालिया निशान खड़ा होने लगा है।

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