शाला दर्पण पर विषयाध्यापक मैपिंग नहीं करने पर होगी कार्रवाई
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा इस बार बोर्ड परीक्षाओं में शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहे हैं। शिक्षा विभाग प्री-बोर्ड परीक्षाओं के आयोजन से लेकर कमजोर छात्रों के लिए उपचारात्मक शिक्षण की व्यवस्था कर रहा हैं। ताकि वर्तमान सत्र 2019-20 में बोर्ड परीक्षा परिणाम में गुणात्मक दृष्टि से उन्नयन हो सके।

 इसी क्रम में माध्यमिक शिक्षा निदेशक सौरभ स्वामी ने सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे विषयाध्यापकों की परिणाम की जिम्मेदारी के दृष्टिगत शाला दर्पण पर रिजल्ट माड्यूल के तहत सब्जेक्ट टीचर माड्यूल की प्रविष्टि समयबद्ध करने के लिए संस्थाप्रधानों को पाबंद किया है।

 न्यून परीक्षा परिणाम रहने पर विषयाध्यापक पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रावधान है। वहीं उत्कृष्ट परिणाम देने वाले शिक्षकों का सम्मान भी किया जाएगा। शाला दर्पण पर ऑनलाइन कार्य में स्कूलों द्वारा बरती जा रही लापरवाही के मद्देनजर निदेशालय व शिक्षा विभाग सर्तक नजर आ रहा है। इसलिए सब्जेक्ट टीचर माड्यूल में स्कूलों द्वारा अद्यतन संधारण की उम्मीद की जा रही है।

 लेकिन स्कूल स्तर पर आवश्यक प्रविष्टियां अत्यन्त न्यून हैं। कई बार स्कूलों को शाला दर्पण टीम व विभागीय स्तर पर निदेशक से लेकर ब्लाॅक स्तर तक माॅनिटरिंग के लिए सूचित किया जाता है, लेकिन दायित्व निर्वहन में लापरवाही बरती जाने से अनावश्यक देरी हो जाती है। जिससे समय पर वांछित सूचनाओं के संकलन के अभाव में माॅनिटरिंग नहीं हो पाती है। वहीं बांसवाड़ा जिला राज्यभर में शाला दर्पण फीडिंग के मामले में रैंकिंग में लगातार
पिछड़ता रहा है।

निदेशालय से जारी आदेश में 28 फरवरी तक आवश्यक रूप से विषयाध्यापक की मैपिंग शाला दर्पण पर करने के लिए निर्देशित किया है। इस कार्य में शिथिलता व उदासीनता बरतने पर संबंधित स्कूलों के संस्था प्रधानों व कार्मिकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल लाई जाएगी।

शिक्षकों की जवाबदेही तय होगी

बागीदौरा एसीबीईओ व ब्लाॅक शाला दर्पण प्रभारी नीरज दोसी ने बताया कि सब्जेक्ट टीचर माड्यूल की प्रविष्टि शाला दर्पण पोर्टल पर सब्जेक्ट टीचर्स मैपिंग से शिक्षकों की जवाबदेही तय होगी और उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देने वाले शिक्षक पुरस्कृत होंगे तो न्यून परिणाम देने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

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