जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अधिकारी सचिव के नेतृत्व में गुरुवार को आरा जेल पहुंचे। इस दौरान कैदियों की समस्याओं एवं सुविधा के बारे में जानकारी लिया तथा कई तरह के निर्देश जेल अधीक्षक को दिए गए। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार एवं बिहार विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश के आलोक में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अधिकारी वहां पहुंचे हुए थे। सचिव सह अवर मुख्य न्यायाधीश सह अपर मुख्य न्यायाधीश मुकेश कुमार द्वितीय ने दौरा कर कैदियों एवं बंदियों के स्वास्थ संबंधी सुविधाओं की विस्तृत जानकारी ली तथा जेल अधीक्षक एवं चिकित्सक को निर्देश दिया गया कि अनिवार्य रूप से जेल अस्पताल में उपस्थित रहकर कैदियों एवं बंदियों के स्वास्थ्य की जांच करें। इस दौरान विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव मुकेश कुमार ने काराधीन एवं विचाराधीन महिला बंदियों के शिशुओं के समुचित पोषण उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया।उन्होंने जेल में बंदियों को दी जा रही सुविधाओं की अधीक्षक युसुफ रिजवान से जानकारी ली। साथ ही बंदियों से भी बातचीत की। जेल की लाइब्रेरी, उद्योगशाला, बेकरी यूनिट, लंगर, गोदाम, मुलाकात कक्ष व जेल अस्पताल का निरीक्षण किया। रसोई को साफ सुथरा रखने, ताजी सब्जियों का उपयोग करने के लिए कहा।सचिव ने निरीक्षण के दौरान पाया कि कारा में बंद कुछ बंदी किशोर वय प्रतीत हो रहे हैं। इन्हें किशोर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करें। उ ्होंने बताया कि निरीक्षण का उद्देश्य बंदियों को मिल रही सुविधाओं को जांचना और कमियों के बारे में सरकार को पत्र लिखकर सुधार करवाना है।
आरा जेल फाइल फोटो

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