वर्तमान समय में अत्याचार और भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है, मनुष्य अपने ही कर्मों से असुर बनता जा रहा है। ऐसे में परमात्मा आत्मा को अपनी शक्ति देकर संसार को पाप मुक्त बनाने का कर्तव्य निभा रही है। प्रकाश पुंज से निकलते प्रकाश और आत्म शक्तियों को जागृत करने वाले मंत्रों से शहर के गांधी स्टेडियम में लोगों ने जीने के मूल मंत्र और आत्म शक्तियों के बारे में जाना।
दरअसल प्रजापति ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा पिछले सात दिनों से हैप्पीनेस मेला का आयोजन किया गया था। जिसमें ब्रह्माकुमारी की दीदी और भाई ने जीने के मूल मंत्र और आत्मा को परमात्मा से जोड़ने के उपाय बताए। साथ ही रात में प्रत्येक दिन चैतन्य देवियों की झांकी दिखाई गई। चैतन्य झांकी में लोगों को देवियों के नौ रूपों और उनके अवतार को चैतन्य झांकी के रूप श्रद्धालुओं को दिखाया गाय। चैतन्य झांकी के द्वारा आम जनमानस के मन में व्याप्त कुविचार को त्याग कर शुद्ध मन से भक्ति करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही झांकी के द्वारा दर्शाया गया कि मनुष्य के मन में व्याप्त अवगुण ही महिषासुर राक्षस का स्वरूप है जिसे मां दुर्गे द्वारा संहार कर समाज में व जनमानस के मन में सत्य की स्थापना की गई।
दुनिया एक रंगमंच है और हम सभी इसके अभिनेता
बेगूसराय| ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा गांधी स्टेडियम में आयोजित सात दिवसीय हेल्थ, वेल्थ, हैप्पीनेस आध्यात्मिक मेला शनिवार को सम्पन्न हो गया। मौके पर कृष्ण-सुदामा चरित्र नाट्य का भी आयोजन हुआ। 108 श्रीमद् भागवत कथा के अंतिम सत्र कंचन बहन ने संपूर्ण कथा के सार यानि गूढ रहस्य को बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया एक रंगमंच है और हम सभी अभिनेता हैं। नाटक लगातार चल रहा है और हमें एक बेहतरीन भूमिका निभाने वाला अभिनेता बनना है, जिससे हम खुद भी संतुष्ट हो और बाकी लोग भी हमारी भूमिका से खुश रहे।
कथा का सार | कंचन बहन ने बताया कि इस कथा से हमको यह प्रेरणा मिलती है कि हमें भगवान के साथ अपनी प्रीत को जोड़ना है। मन को परमात्मा से जोड़ना है।
राजयोग ध्यान करने व महत्व को बताया | समापन समारोह में सुबह के सत्र में प्रो माउंट आबू से आए प्रो ओंकार चंद ने उपस्थित लोगो को राजयोग ध्यान करना सिखाया। ओंकार चंद ने राजयोग से होने वाले फायदे को बताया। उन्होंने कहा कि यह ध्यान ईश्वर की कृपा पाने का सुगम रास्ता भी है और उनकी शक्ति को अपने अंदर ग्रहण कर सकते हैं। मौके पर उन्होंने कर्म एवं भाग्य के सिद्धांतों को बताया। उन्होंने कहा कि कर्म वो एनर्जी है, जो हम बाहर की ओर भेजते है और भाग्य वो एनर्जी है जो बाहर से अंदर की ओर आती है। हम जैसा कर्म करेंगे, वैसा हमारा भाग्य होगा, अर्थात हमें अपने कर्मों को श्रेष्ठ बनाने हैं।
23-29 कार्यक्रम आयोजित | 23- 29 फरवरी तक तीन स्थानों पर राजयोग मेडिटेशन शिविर का आयोजन किया जा रहा है। पहला स्थान ब्रह्मा कुमारीज का सेवा केंद्र जीडी कॉलेज के पश्चिम पिपरा रोड में प्रभु पसंद भवन में आयोजित है। इसके साथ ही लोहिया नगर में भी एक राजयोग मेडिटेशन शिविर का आयोजन किया गया है। साथ ही डॉ आनंद कुमार क्लीनिक में रखा गया है। इसके साथ ही बरौनी रिफाइनरी टाउनशिप के ऑफिसर्स क्लब के ऊपर वाले हॉल में राजयोग मेडिटेशन शिविर आयोजित किया गया है।
गांधी स्टेडियम में हेल्थ, वेल्थ, हैप्पीनेस आध्यात्मिक मेला समापन, वक्ताओं ने उपस्थित दर्शकों से कहा-
ब्रह्माकुमारी के हेल्थ, वेल्थ, हैप्पीनेस, आध्यात्मिक मेला में वक्ताओं ने रखे अपने विचार
मेले में चैतन्य झांकियों को देखकर मंत्रमुग्ध हो गए मौजूद सभी दर्शक
चैतन्य झांकियों में मां दुर्गा, मां लक्ष्मी, मां सरस्वती, मां उमा, मां गंगे, मां काल, मां ब्रह्मचारिणी, का सजीव रूप दिखाया गया। भावविभोर करने वाले साउंड और प्रकाश के साथ जब हरेक देवियों के उनके अवतार के बारे में दिखाया जा रहा था तो पूरा स्टेडियम भक्ति में खो गया। हर कोई देवी के साक्षात दर्शन के लिए आतुर दिखे और देवी के प्रकट होते ही सबो ने हाथ जोड़कर माता का अभिवादन किया। इस मन मोहक दृश्य और देवियों के भव्य स्वरूप को देखने और हमेशा के लिए कैमरे में कैद करने आतुर दिखे।
झांकी के माध्यम से आम जनमानस को जागरूक किया
चैतन्य झांकी में ध्वनि, प्रकाश व भक्ति के अद्भुत समायोजन से परिपूर्ण शिव की शक्ति, राजयोग, अभ्यासरत ब्रह्माकुमारी बहनों को चैतन्य देवियों के नौ रूपों में विराजित दिखाया गया। जिसमें वे साक्षात मूर्ति के समान प्रतीक हो रही थी। झांकी के माध्यम से आम जनमानस को जागरूक करते हुए दिखाया गया कि मन की कलुषित विकृति जैसे लोभ मोह, क्रोध बुरे विचार व अवगुण ही राक्षस हैं। जिसे आत्म ज्ञान और परमात्मा के राहों पर चलकर ही हराया जा सकता है।
मेले में उमड़ी लोगों की भीड़।
गांधी स्टेडियम में चैतन्न झांकी में 9 देवियों का जिवंत रूप और देखने उमड़ी भीड़


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