पशुपालन एवं डेयरी विभाग की ओर से गांव बलियाली में मुंहखुर व गलघोटू जैसी घातक बीमारी से पशुओं को बचाने के लिए घर-घर जाकर टीकाकरण किया गया। पशु चिकित्सालय बलियाली के प्रभारी डॉ. विजय सनसनवाल ने बताया कि कोरोना महामारी के समय में पूरा विश्व आर्थिक मंदी से गुजर रहा है। ऐसी परिस्थिति में पशुपालकों के पशुओं को किसी प्रकार का नुकसान न हो ताकि पशुपालक इस वक्त में अपना गुजारा कर सके। उन्होंने बताया कि छोटे आठ महीने से कम उम्र के छोटे पशुओं को चार हफ्ते बाद बूस्टर डोज लगाई जाएगी। जो पशु गर्भवती हैं, उनका टीकाकरण प्रजनन के बाद किया जाएगा। इस टीकाकरण से कई बार पशुओं में बुखार भी आ सकता है। ऐसे में उन्हें बुखार की दवा देनी चाहिए। अगर पशु टीकाकरण के बाद चरना कम कर दे तो उसे भूख बढ़ाने के पाउडर देने चाहिए।
उन्होंने बताया कि इस टीकाकरण से पशुओं में न तो दूध सूखता है और न हीं किसी प्रकार का गर्भपात होता है, इस अफवाह से बचना चाहिए। चिकित्सक ने बताया कि टीका लगने के बाद दो दिन पशु को गुड़ देना बहुत ही फायदेमंद होता है। इस अवसर पर टीम में जयसिंह वीएलडीए,देशराज व अमित कुमार आदि मौजूद थे।
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