महाराष्ट्र से यूपी जा रहे तीन मजदूरों की तबीयत खराब होने के बाद शनिवार रात मौत हो गई थी। रविवार को तीनों मजदूरों के शवों का पीएम हुआ। तीनों की मौत कार्डियक अरेस्ट व डिहाइड्रेशन के कारण हुई थी। दो मृतकों के शव को वाहनों से उप्र भेजा गया। वहीं एक के शव का अंतिम संस्कार सामाजिक संस्था ने किया।
मुंबई के अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले 3 मजदूर घर के लिए पैदल निकले थे। नासिक तक पैदल और इसके बाद वाहनों में बैठकर यूपी जा रहे थे। मप्र की सीमा में प्रवेश करने के बाद शनिवार रात तबीयत खराब होने से उन्हें सिविल अस्पताल और निजी अस्पताल पहुंचाया गया था। तीनों की मौत होने के बाद रविवार को उनके शवों का पीएम कराया गया। पीएम करने वाले डॉ. तनवीर शेख ने बताया तीनों मजदूरों की मौत हीट स्ट्रोक व डिहाइड्रेशन की वजह से कार्डियक अरेस्ट के कारण हुई।
मजदूर अनिस अहमद के शव को शहर की खिदमत कमेटी ने वाहन से उनके गांव फतेहपुर यूपी भेजा। इसी प्रकार प्रयागराज जिले के छुडिया गांव के मृतक मजदूर लालूराम पिता शाहदेव के शव को सामाजिक संस्था के सदस्यों ने वाहन उपलब्ध कराया। उनके साथी दयाशंकर सहित 5 लोग स्वयं के खर्च से शव को वाहन से ले गए।
भतीजे ने वीडियोकॉल से कराए अंतिम दर्शन
यूपी के सिद्धार्थनगर निवासी मजदूर वीरेंद्र की मौत हुई थी। उनके साथ आने वाला भतीजा राजेश बोला- शव को ले जाने के लिए पैसे नहीं थे। परिजनों से चर्चा की उन्होंने कहा वहीं अंतिम संस्कार कर दो। मानव सेवा समिति के और नपाकर्मियों ने मुक्तिधाम में ही उनके शव का अंतिम संस्कार किया। राजेश ने वीरेंद्र के परिजनों को वीडियो कॉल से अंतिम संस्कार भी दिखाया।
अज्ञात व्यक्ति के मिले शव को भी दफनाया
ग्रामीण थाने के एएसआई राजेंद्र सोलंकी ने बताया पुराने एबी रोड स्थित गोई के पास एक सिर कुचले व्यक्ति का शव सुबह 5.30 बजे मिला था। किसी वाहन के ऊपर चढ़ने से दुर्घटना में मौत हुई थी। पीएम कराने के बाद कोई पहचान पत्र नहीं मिला। मृतक बाहरी प्रदेश का लग रहा था। शाम को नपा और मानव सेवा समिति के माध्यम से शव को दफनाकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

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