लॉकडाउन के कारण अन्य राज्यों में फंसे मजदूर अपने-अपने घरों की और निकल पड़े हैं। जिसे जो मिल रहा उसी वाहन से सफर कर रहे हैं। कोई लोडिंग वाहन तो कोई दो पहिया वाहन के माध्यम से अपने घर जा रहे हैं। नगर से रोजाना कई वाहनों में मजदूरों को जाते हुए देखा जा सकता है। हालांकि अब पैदल चलकर जाने वाले मजदूरों की संख्या कम हो गई है।
लॉकडाउन के कारण महाराष्ट्र, गुजरात से मजदूर यूपी-बिहार और अन्य स्थानों पर जा रहे हैं। अब तक अधिकांश मजदूर पैदल ही जा रहे थे लेकिन पिछले दो दिनों से अब पैदल मजदूर कम वाहनों से ज्यादा जा रहे हैं। कुछ मजदूरों को बसों के माध्यम से भी उनके घर तक पहुंचाया जा रहा है। शुक्रवार सुबह एक बस से जाते
हुए मजदूर दिखे।
किराया पड़ रहा महंगा
शुक्रवार को नगर से होते हुए गुजरे कुछ मजदूरों ने बताया कि उन्हें अपने घर जाने के लिए ज्यादा किराया चुकाना पड़ रहा है। एक व्यक्ति से लोडिंग वाहन वाले 1100 से लेकर 2100 रुपए तक ले रहे हैं। हालांकि कुछ मजदूरों का कहना था कि रुपए तो बाद में कमा लेंगे। बस घर पहुंच जाएं। वहीं लोडिंग वाहन संचालकों का कहना था कि मजदूरों को उनके घर छोड़कर वापस खाली आना पड़ता है। इसके चलते ज्यादा रुपए ले रहे हैं। साथ ही मजदूरों को उनके घर तक पहुंचाने में भी परेशान हो रहे हैं। कहीं वाहन किराए से लाकर तो कहीं अधिक भाड़ा देकर सीमा के बाहर पहुंच रहे हैं।

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