लॉकडाउन के दौरान सीमावर्ती राज्य तेलंगाना व महाराष्ट्र में कोरोना महामारी का प्रकोप के बाद ऐसे राज्य से तेंदूपत्ता ठेकेदारों और कामगारों को यहां पर रखकर उन्हें काम दिए जाने की बात कही जा रही है, जो सही नहीं है। इस तरह से काम करवाए जाने से यहां के लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। इसके बावजूद वन विभाग के अधिकारी इसे रोकने के बजाय बढ़ावा दे रहे हैं। वन विभाग के अधिकारियों पर यह आरोप बीजेपी जिलाध्यक्ष श्रीनिवास मुदलियार व जेसीसी अध्यक्ष सकनी चन्द्रया ने लगाते हुए इसका कड़ा विरोध किया है।
मुदलियार ने कहा कि लॉकडाउन के नियमों का घोर उलंघन हो रहा है तेंदूपत्ता तोड़ाई के लिए जिला प्रशासन व वन विभाग द्वारा अपना हित साधने नियमों को ताक पर रखकर महाराष्ट्र व तेलंगाना के तेंदू पता ठेकेदारों व उनके सहयोगियों के लिए रातों-रात पास बनाकर जिले में प्रवेश करवा रहे हैं।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि तेलंगाना से गुरुवार देर रात बीजापुर पहुंचे 7 लोग शुक्रवार सुबह बीजापुर में सड़कों पर घूमते नजर आए साथ ही अन्य वस्तुओं की खरीदी के लिए दुकानों पर दिखे। स्वास्थ्य विभाग की टीम और पुलिस विभाग केदखल के बाद आनन फानन मेंअब 7 कामगारों को होटल जीआर पैलेस और जैतालूर में 13, जेलबाड़ा में 11 सहित कुल 31 लोगों को अगले 14 दिनों तक क्वारेंटाइन कर दिया गया है।
बाहर से आने वालों की लिस्ट मांगी गई
डीएफओ डीके साहू ने बताया कि सरकारी आदेश के तहत बुलाया गया है बाहर से कितने लोग आए हैं सभी आंकड़ा विभाग की ओर से तैयार किया जा रहा है । जबकि सीएमएचओ बीआर पुजारी ने बताया कि जो लोग बाहर से पहुंचे हैं उनकी पतासाजी की जा रही है वन विभाग से लिस्ट मांगी गई है कुछ लोगों को क्वारेंटाइन किया गया है। जिसमें 8 लोगों को सनसाइन होटल, 7 जीवीआर होटल और 5 को डारापारा में क्वारेंटाइन किया गया है।
कोरोना गाइडलाइन का नहीं किया जा रहा पालन
गुरुवार को देर रात तेलंगाना के करीमनगर मुलगु जिले से 5 बाइक में 7 तेंदूपत्ता खरीददार बीजापुर पहुंचे थे। जिनको प्रदेश सरकार की कोरोना पर गाइडलाइन के मुताबिक देर रात क्वारेंटाइन किया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। शुक्रवार की सुबह 8.30 बजे सभी तेंदूपत्ता सहायक सड़क किनारे टहलते और होटल में नाश्ता करते हुए दिखे। इसी दौरान बोलेरो वाहन में वन विभाग के अधिकारी पहुंचे और कामगारों से बातचीत की। सभी के गले में कलेक्टर द्वारा जारी पास लटका हुआ था। स्पष्ट है कि कोरोना के गंभीर परिणामों को जानकर भी अनदेखी की जा रही है।

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