मजदूरी का भुगतान ना होने से काम बंद कर बैठ गए मजदूर मजदूरी मिलने के बाद काम पर वापस आ गए हैं। गेहूं परिवहन में ट्रक कम होने से परिवहन में ढील आने पर एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी ने संबंधित ट्रांसपोर्टर को चेतावनी पत्र जारी कर परिवहन व्यवस्था में तेजी लाने के लिए कहा है। गेहूं खरीदी काम में लगे मजदूरों ने मजदूरी का भुगतान ना होने के कारण पिछले दिनों काम बंद कर दिया था। मजदूर प्रतिनिधि महेश मुकदम, रामभरोस अहिरवार ने बताया कि अधिकारियों की पहल पर मजदूरों को मजदूरी देने की प्रक्रिया चालू हो गई है, इसीलिए सभी मजदूर काम पर वापस आ गए हैं। गेहूं खरीदी का काम सभी केंद्रों पर सुचारू रूप से चल रहा है। तहसीलदार राजेश बोरासी ने बताया कि सभी 32 केंद्रों पर गेहूं की खरीदी और परिवहन का कार्य एक साथ चल रहा है। दोपहर में मजदूरों को आराम करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा सभी खरीदी केंद्रों पर रात पाली में काम के लिए बिजली के इंतजाम कराए गए हैं।
ट्रांसपोर्टर को दी चेतावनी
पिपरिया क्षेत्र में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए गेहूं के परिवहन के लिए 125 ट्रक उपलब्ध कराने की बात ट्रांसपोर्टरों ने कही थी। एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी ने बताया कि हम रोजाना जानकारी ले रहे हैं, कभी 50 तो कभी 80 ट्रक गेहूं परिवहन का कार्य कर रहे हैं। ट्रांसपोर्टर को एक चेतावनी पत्र दिया गया है इसमें ट्रकों की संख्या बढ़ाने के लिए कहा है। ट्रांसपोर्टर से कहा गया है कि अगर गेहूं परिवहन में ढील के चलते कोई विपरीत स्थिति बनती है तो इसके लिए संबंधित ट्रांसपोर्टर जिम्मेदार होगा।
लाॅकडाउन का हवाला
मालूम हो कि परिवहन संबंधी जवाबदारी देते समय ठेकेदार को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे, कि वह प्रतिदिन खरीदे गए गेहूं का 70 से 90 प्रतिशत हिस्सा वेयरहाउस में पहुंचा देगा, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। खरीदी केंद्राें पर गेहूं का जमाव बढ़ रहा है। कृषक सेवा सहकारी समितियों के पर्यवेक्षक प्रमोद पुरोहित ने बताया लगभग एक लाख क्विंटल के आसपास गेहूं खरीदी केंद्रों पर पड़ा हुआ है। ट्रांसपोर्टर लॉकडाउन का हवाला देकर ट्रकों का इंतजाम करने में स्वयं को असमर्थ बता रहे हैं।

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