दो दिन पहले साइकिलों पर लुधियाना से चले यूपी को लौटे रहे नौ प्रवासी श्रमिक शनिवार को पहाड़ीपुर नाके पर तैनात पुलिस ने रोक लिए। इनमें एक दंपती व उनकी तीन वर्षीय बच्ची भी थी। इन्हें वापस लौटाने से पहले सुरक्षा एजेंट सुरेंद्र ने अपनी जेब से इनके लिए भोजन का प्रबंध किया। प्रवासी श्रमिक राम लुभाए ने बताया कि सभी श्रमिक लुधियाना की रेडिमेड कपड़े की फैक्ट्री में काम करते थे। फैक्ट्री मालिक ने लॉकडाउन लगने के कारण वेतन नहीं दिया। बेरोजगार होने के बाद नौ पुरानी साइकिलों को खरीदा और उत्तर प्रदेश के जिला हरदोई स्थित अपने घरों के लिए चल दिए। इन श्रमिकों को अंदेशा था कि वह अपने घरों तक नहीं पहुंच पाएंगे। लेकिन बेरोजगार होने के बाद खाली जेब व भूख से परेशान होकर घर वापस जाने का मन बना लिया था। एसएचओ छोटू राम ने बताया कि प्रशासन के आदेशों के अनुसार श्रमिकों को वापस भेजा गया है।
दो दिन पहले साइकिलों पर लुधियाना से चले यूपी को लौटे रहे नौ प्रवासी श्रमिक शनिवार को पहाड़ीपुर नाके पर तैनात पुलिस ने रोक लिए। इनमें एक दंपती व उनकी तीन वर्षीय बच्ची भी थी। इन्हें वापस लौटाने से पहले सुरक्षा एजेंट सुरेंद्र ने अपनी जेब से इनके लिए भोजन का प्रबंध किया। प्रवासी श्रमिक राम लुभाए ने बताया कि सभी श्रमिक लुधियाना की रेडिमेड कपड़े की फैक्ट्री में काम करते थे। फैक्ट्री मालिक ने लॉकडाउन लगने के कारण वेतन नहीं दिया। बेरोजगार होने के बाद नौ पुरानी साइकिलों को खरीदा और उत्तर प्रदेश के जिला हरदोई स्थित अपने घरों के लिए चल दिए। इन श्रमिकों को अंदेशा था कि वह अपने घरों तक नहीं पहुंच पाएंगे। लेकिन बेरोजगार होने के बाद खाली जेब व भूख से परेशान होकर घर वापस जाने का मन बना लिया था। एसएचओ छोटू राम ने बताया कि प्रशासन के आदेशों के अनुसार श्रमिकों को वापस भेजा गया है।
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