लॉकडाउन में देश के अलग-अलग प्रदेशों में फंसे जिले के मजदूरों को वापस लाने जिला प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। इसकी कार्ययोजना बनाने एक मई को अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त करते उन्हें अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गईं। विदित हो कि एक मई को ही भास्कर ने अन्य प्रदेशों में फंसे मजदूरों को लेकर खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने कार्ययोजना बनाई।
जिले के 2902 मजदूर रोजी रोटी की तलाश में अन्य प्रदेश गए हुए हैं, जहां लॉकडाउन में वे फंस गए। लॉकडाउन के बढ़ने व वहां सरकार से कोई मदद नहीं मिलने पर मजदूरों ने वापस लाने की गुहार लगाई थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने बाहर गए मजदूरों का तहसील स्तर पर सर्वे कराया था। इसे लेकर कलेक्टर कांकेर केएल चौहान द्वारा शुक्रवार को जारी आदेश में कहा गया है कि बाहर गए व्यक्ति व मजदूरों को अपने निवास जिले में वापस लाने की संभावना है। इस संबंध में कार्ययोजना बनाने एवं उसके क्रियान्वयन के लिए नोडल व सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जा रहा है।
इन अफसरों को जिम्मेदारी
अपर कलेक्टर सीएल मार्कंडेय को नोडल अधिकारी, डिप्टी कलेक्टर डाॅ. कल्पना ध्रुव को सहायक नोडल अधिकारी, एसडीएम चारामा एसपी वैद्य, एसडीएम कांकेर यूएस बंदे, एसडीएम भानुप्रतापपुर हेम लता मंडावी, एसडीएम पखांजूर निशा नेताम, एसडीएम अंतागढ़ सीएल ओटी को अनुभाग नोडल अधिकारी, श्रम पदाधिकारी पंकज बिजपुरिया तथा नगर पालिका सीएमओ सौरभ तिवारी को सहयोगी अधिकारी बनाया गया है। सभी नोडल अधिकारी समन्वय से काम करेंगे।


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