40 दिन बाद लौटी बाजारों में रौनक, दुकानें ताे खुलीं, लेकिन ग्राहक नहीं
तरनतारन में डीसी प्रदीप कुमार की ओर से जारी की गई लिस्ट के मुताबिक मंगलवार को तरनतारन और आसपास कस्बों-गांवों में कपड़ा, रेडीमेड गारमेंट्स, शू स्टोर, दर्जी की दुकानें, ड्राईक्लीन, जनरल स्टोर, सुनियार की दुकानें, मोबाइल शोरूम, बर्तनों की दुकानें, प्लास्टिक क्रॉकरी और इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकानें सुबह 9 से 1 बजे तक खुली रहीं। अब किरयाने की दुकानें और मेडिकल स्टोर हफ्ते में 6 दिन सुबह 9 से 1 बजे तक खुले रहेंगे।
तरनतारन जिले में कर्फ्यू के दौरान शनिवार से सुबह 7 से 11 बजे तक दुकानें खोलने का समय था, लेकिन मंगलवार को टाइम बदल दिया गया, जो अब सुबह 9 से 1 बजे का है। मंगलवार को 9 से 1 बजे के टाइम से 40 दिन बाद बाजारों की रौनक लौट आई है, लेकिन ज्यादा ग्राहक नहीं दिखे। दर्जनभर गांव के लोगों की ओर से खरीद सहूलियत के लिए तरनतान, पट्‌टी, झब्बाल, गोइंदवाल, फतेहाबाद आदि बाजार कोरोना के चलते सरकारी आदेशों के कारण करीब 40 दिन से बंद थे। जिला प्रशासन की ओर से दुकानदारों की आर्थिक स्थिति और आम लोगों की मुश्किलों के मद्देनजर कर्फ्यू में 4 घंटे के ढील दी गई है, जिससे बाजार में फिर से रौनक लौट रही है।

सभी दुकानों को रोटेशनवाइज खोलना शुरू किया गया है। बेशक जिला प्रशासन की ओर से सामाजिक दूरी बनाकर रखने और मास्क पहनने के निर्देश दिए थे। मगर कई जगह निर्देशों की पालना नहीं होती हुई दिखाई दी। ढील के बावजूद भी कुछ दुकानदारों ने दुकानें बंद रखना बेहतर समझा और कुछ दुकानों पर कोई खरीदार दिखाई नहीं दिए। शिअद के जत्थेबंदक सेक्रेटरी कुलदीप सिंह औलख ने कहा कि आर्थिक मंदी से जूझ रहे दुकानदारों के लिए बाजार खुलना शुभ संकेत है, लेकिन लापरवाही से भारी पड़ सकती है। इसलिए प्रशासन की ओर से जारी किए गए निर्देश का पालन भी किया जाना चाहिए।
40 दिन बाद लौटी बाजारों में रौनक, दुकानें ताे खुलीं, लेकिन ग्राहक नहीं
40 days later returned to the markets, shops opened, but no customers



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