ग्राम नेवारखेड़ा के राउतपारा के ग्रामीण 35 साल से कुएं के पानी पर ही निर्भर है। ग्रामीणों ने कई बार पारा में हैंडपंप खनन की मांग की गई, लेकिन हर बार आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिल पाया। इसके चलते आज भी ग्रामीण कुएं का प्रदूषित पानी पीने मजबूर हैं।
नेवारखेड़ा राउतपारा के ग्रामीण अशोक यादव, संतु यादव, नारायण यादव ने बताया हमारे पारावासी लगभग 35 साल से कुएं का पानी से अपना जीवन यापन कर रहे हैं। उन्होंने कहा पारा में एक ही कुआं होने के कारण खाने पीने के लिए ही उपयोग करते हैं। हम सभी पारावासी नहाने के लिए डेढ़ किलोमीटर दूर नदी में जाकर काम चला लेते हैं। मई-जून के महीने में कुआं जब पूरी तरह सूख जाता है, तो दूसरे मोहल्ले जाकर पानी लाना पड़ता है या फिर नदी में झरिया का बनाकर पानी लाते हैं। कभी-कभार कुएं एवं झरिया का पानी पीने के कारण उल्टी-दस्त की चपेट में भी ग्रामीण आ चुके हैं। इस संबंध में हम पारावासी पंचायत एवं संबंधित विभाग जनप्रतिनिधियों को कई बार अवगत करा चुके हैं, लेकिन आश्वासन ही मिलता है।

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