यह बेहद अचरज, लेकिन हैरानीजनक है कि एक तरफ जिला प्रशासन ने जिला बठिंडा के बाहर से सब्जियों आदि को मंगवाने तक पर बैन लगा रखा है, लेकिन बठिंडा से करीब क्रमश 1000 व 1500 किलोमीटर दूर गुजरात, महाराष्ट्र व आंध्रा प्रदेश से फलों को मंगवाने पर कोई रोक नहीं है। सोमवार को इन दोनों राज्यों से फलों के ट्रक बठिंडा में फल मंडी पहुंचे जिसमें सेब से लेकर चीकू, आम, अंगूर व दूसरे फल मौजूद थे। कोरोना से बुरी तरह ग्रस्ति महाराष्ट्र व गुजरात में कोरोना के चलते कर्फ्यू में सब्जियां व फलों को पूरी तरह बैन कर दिया गया था, लेकिन इस बीच में सब्जी मंडी के आढ़ती व फल मंडी में आढ़ती सब्जी व फ्रूट मंगवाने से बाज नहीं आए।
मंडी में किसी तरह के सेनेटाइजेशन के लंबे समय तक प्रबंधन नहीं होने के कारण जिला प्रशासन ने दूसरे जिलों व राज्यों से फलों व सब्जियों आदि की आमद पूरी तरह रुकवा दी जिसके बावजूद भी मार्केट कमेटी इनकी आमद को कंट्रोल करने में सफल नजर नहीं आ रही है। डीएम प्रीत कंवर बराड़ ने कहा कि इमरजेंसी में मंगवाए जा रहे सामान को मंडी से दूर जगह पर उतारकर शहर के छोटे वाहनों से सामान को मंडी में लाया जाता है तथा कमेटी ने वाहनों को सेनेटाइज करने के इंतजाम भी किए हुए हैं, लेकिन शायद वह भूल गए कि 12 अप्रैल के नजदीक मंडी में गेहूं की खरीद शुरू होने के मौके पर पहली बार सब्जी मंडी में हाथ धोने को टैंकी व साबुन का प्रबंध किया गया। गौरतलब है कि बाहर से फल व सब्जी मंगवाने के चलते बठिंडा के अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में 10 से अधिक आढ़तियों के खिलाफ अब तक केस दर्ज हुए हैं जबकि कइयों को नोटिस दिए हैं।
बड़ा सवाल : एक बार बाहर से सामान आएगा तो क्या इंफेक्शन का खतरा नहीं हो सकता
इमरजेंसी में चीजों को बाहर से मंगवाए जाने का तर्क तो जरूर समझ आता है, लेकिन यह बात समझ से परे है कि जो मार्केट कमेटी सब्जी मंडी में हाथ धोने को कई दिन टंकी नहीं रखवा सकी, वह बाहर से आने वाले सभी वाहनों को कैसे सेनेटाइज करती होगी, तर्कहीन नजर आता है। वहीं बाहर से आने वाला सामान चाहे एक दिन आ रहा हो या फिर रोजाना, लेकिन खतरा तो इस बात का है कि इंफेक्शन अभी तक शहर के बाहर से आई है, लेकिन अगर यह गलती से शहर के भीतर आ गई तो इसे रोक पाना बेहद मुश्किल हो जाएगा।
मार्केट कमेटी सिवाय नोटिस देने के कोई कार्रवाई नहीं कर सकी
कोरोना के कारण 23 मार्च को पंजाब में कर्फ्यू लगने के बाद बठिंडा प्रशासन ने एहतियात के तौर पर दूसरे राज्यों विशेषकर कोरोना ग्रस्ति महाराष्ट्र, गुजरात व राजस्थान से फल व सब्जियों की आमद पर रोक लगा दी ताकि शहर में वहां से किसी तरह की इंफेक्शन फैलने का खतरा नहीं रहे, लेकिन बावजूद इसके आढ़ती चोरी-छुपे टमाटर व फल आदि मंगवाने से बाज नहीं आए। वहीं शहर में टमाटर की पहले दिन हुई कालाबाजारी ने आढ़तियों की जेबों को जरूर भर दिया, लेकिन मार्केट कमेटी सिवाय नोटिस देने के कोई कार्रवाई नहीं कर सकी।
वहीं इसके बाद एक बार फिर एम्स के नजदीक फिश मार्केट में बाहर से सब्जी मंगवाई जिस पर बेहद हंगामा हुआ। कुछ दिनों पहले भी रात को करीब डेढ़ बजे पुलिस ने दाना मंडी एरिया में रेड कर बाहर से आ रही सब्जियों को पकड़ करीब 10 से अधिक वाहनों को जब्त कर केस दर्ज किया। अब सोमवार को एक बार फिर जिला प्रशासन के निर्देशों को ताक पर रखकर बाहर से फल मंगवाए गए जो सीधे मंडी पहुंच बताए जा रहे हैं।
एहतियातन कुछ चीजों को मंगवाया जाता है
- प्रशासन के आदेशों पर ही शहर में किसी चीज की बेहद कमी होने पर एहतियातन कुछ चीजों को मंगवाया जाता है जिसमें बाकायदा ड्राइवरों के शरीर का तापमान देखने के साथ उनके वाहनों को सेनेटाइजर करने का इंतजाम है। इस बार हमने बाहर ट्रकों को लगाकर छोटे वाहनों पर सामान मंगवाया है ताकि किसी तरह के खतरे को टाला जा सके। प्रीत कंवर बराड़, डीएम, मार्केट कमेटी,बठिंडा

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