(अजायब सिंह बोपाराय)गढ़शंकर उपमंडल के गांव मोरांवाली मेंसोमवार को एक और कोरोना पाॅजिटिव केस सामने आया है। इस तरह अब जिले में कोरोना एक्टिव केस की संख्या 2 हो गई है।सिविल सर्जन डाॅ. जसवीर सिंह ने बताया कि कि पेशे से ड्राइवर जीवन सिंह (48) 38 दिन से अन्य श्रद्धालुओं के साथ हजूर साहिब नांदेड़ में फंसा था। वह 25 अप्रैल को 15 अन्य श्रद्धालुओं को अपनी टेंपो ट्रैवलर में बिठाकर मोरांवाली पहुंचा था। उसे सिविल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में दाखिल कर लिया गया है। इसके अलावा जसवीर के साथ जितनी संगत आई थी, उनके संपर्क में आने वाले 35 लोगों के भी उसी दिन सैंपल ले लिए गए थे।
इनमें से 26 सैंपल की रिपोर्ट आई है। इनमें से 25 निगेटिव आई लेकिन जसवीर सिंह की रिपोर्ट पाॅजिटिव पाई गई। 9 सैंपल की रिपोर्ट आनी अभी बाकी है। जिले में अब 465 सैंपल लिए गए हैं, जिनमें से 391 सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई है व 74 सैंपल की रिपोर्ट आनी बाकी है। उन्होंने बताया कि अब तक जिले में कुल 7 पाॅजिटिव केस सामने आए थे, जिनमें से 4 मरीज पूरी तरह ठीक हो चुके हैं व एक मरीज हरभजन सिंह की मौत हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि अब नए पाॅजिटिव केस सहित 2 पाॅजिटिव मरीज आइसोलेशन वार्ड में दाखिल हैं। उन्होंने कहा जिले में गांव मोरांवाली ही ऐसा गांव है, जहां पर ज्यादा मामले सामने आए हैं। इसी गांव की एक महिला का इलाज इस समय सिवल अस्पताल में चल रहा है, जबकि हरभजन सिंह के तीन पारिवारिक सदस्य ठीक हो चुके हैं। डॉ. सिंह ने कहा कि परिस्थिति बिगड़ने न पाए इसलिए अब हमें और सावधानी बरतने की जरूरत हैं।
दूसरे प्रदेशों से पंजाब में आने वाले लोगों से भी बढ़ा संक्रमण का खतरा
महाराष्ट्र के नांदेड़ साहिब व अन्य प्रदेशों में लाॅकडाउन के चलते पंजाब के फंसे लोगों की वापसी के चलते भी संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। होशियारपुर के गढ़शंकर व बलाचौर (नवांशहर) के भारी संख्या में लोग महाराष्ट्र व अन्य प्रदेशों में काम करते हैं। ये लोग प्रशासन से मंजूरी लेकर अथवा ट्रकों आदि में छुप कर अपने गांव घर पहुंच रहे हैं। कई बार तो प्रशासन को पता ही नहीं चल पाता कि कौन बाहर से और कहां पर आया है। हाल ही में गढ़शंकर के गांव मोरांवाली के नांदेड़ साहिब से लौटे श्रद्धालुओं को आइसोलेट करने की बजाय सीधे उनको घरों मेंजाने दिया गया। यह भी बड़ी लापरवाही है। इन्हीं में से अब एक व्यक्ति के कोरोना पॉजिटिव आने से मामला गंभीर हो गया है।
श्रद्धालुओं को सिरोपा देकर गांव में सम्मानित करने वालों में भी संक्रमण होने का खतरा
नांदेड़ साहिब से लौटे श्रद्धालुओं को आइसोलेट करने के बजाय सीधे मोरांवाली जाने देने के बाद सेहत विभाग की चिंता बढ़ गई है। उक्त श्रद्धालु रास्ते में आते हुए और गांव में पहुंच कर किन- किन लोगों से मिले और उनके अन्य परिवारिक सदस्य किसके संपर्क में आए इसकी कोई जानकारी नहीं है। सेहत विभाग अब उन सभी का पता लगा रहा है। दूसरी तरफ, 26 अप्रैल को गांव के कुछ लोगों ने लौटे श्रद्धालुओं को सिरोपे देकर सम्मानित किया और अब इन्में भी संक्रमण की अशंका बन गई है। ,
लिहाजा विभाग को उनके परिवारों के अलावा सम्मानित करने वाले गणमान्य को भी होम क्वारेंटाइन करना पड़ सकता है। एसएमओ डॉ. रघुवीर सिंह ने कहा कि हमारी टीम ने कड़ी मेहनत के बाद कोरोना वायरस की चेन ब्रेक कर दी थी लेकिन नांदेड़ साहिब से लौटे श्रद्धालुओं में से टैपों ट्रैवल चालक जीवन कुमार के पॉजिटिव आने से मामला बिगड़ गया है। हालांकि लौटे श्रद्धालुओं को सैंपलिंग के बाद क्वारेंटाइन कर दिया गया है।
कर्फ्यू का उल्लंघन करने पर जिले में 27 पर केस
कर्फ्यू का उल्लंघन करने पर जिले में 27 लोगों के खिलाफ अलग-अलग थानों में मामला दर्ज किया गया है। देहात के थाना बुल्लोवाल और तलवाड़ा में 1-1, मेहटीयाना में 2 और टांडा में 21 लोगों के खिलाफ धारा 188 के तहत मामला दर्ज किया गया। उल्लंघन करने वालों की संख्या 643 हो गई है।
राजस्थान के कोटा में फंसे होशियारपुर की प्रीति व मिथिलेश अपने घर पहुंचे
प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने के लिए राजस्थान के कोटा गए होशियारपुर के दो विद्यार्थी स्पेशल बसा से सोमवार रात सकुशल अपने घर वापस आ गए हैं। बच्चों की वापसी पर उनके माता-पिता ने पंजाब सरकार का धन्यवाद किया। कोटा में मेडिकल की कोचिंग लेने गई होशियारपुर की प्रीति व आईआईटी की ट्रेनिंग लेने गए मिथिलेश कुमार गुप्ता ने कहा कि वे 26 अप्रैल को दोपहर बाद कोटा से होशियारपुर के लिए रवाना हुए थे। दोनों का पहले सिविल असप्ताल में जांच हुआ। इसके बाद उन्हें घर भेजा गया।

Post a Comment