नर्मदा अस्पताल में कोरोना पॉजिटिव मरीज नरेश खटीक (52) की मौत के मामले में सीएमएचओ डॉ. सुधीर डेहरिया ने अस्पताल प्रबंधन को सोमवार शाम नोटिस जारी कर जानकारी मांगी है। सीएमएचओ ने अस्पताल प्रबंधन से पूछा है कि मरीज की मौत किन परिस्थितियों में हुई। इस दौरान भारत सरकार की गाइडलाइन का पालन किया गया या नहीं? इलाज के दौरान मरीज के संपर्क में आए डॉक्टर्स और पैरामेडिकल स्टाफ की जांच कराई या नहीं।
सीएमएचओ ने बताया कि मरीज का इलाज करने वाले डॉक्टर्स और पैरामेडिकल स्टॉफ के नाम और नंबर मांगे गए हैं। साथ ही ट्रीटमेंट एवं डिस्चार्ज की जानकारी भी मांगी है। इससे तय होगा कि मरीज को क्या ट्रीटमेंट दिया जा रहा था, उसकी बीमारी क्या थी? अस्पताल की डायरेक्टर डॉ. रेणु शर्मा का कहना है कि जब मरीज आया था, तब हालत बहुत खराब थी। उसे लंबे समय से अस्थमा था। उसका इलाज हमीदिया अस्पताल के डॉ. निशांत श्रीवास्तव के यहां पर चल रहा था। सीएमएचओ को पूरी जानकारी भेज दी गई है।
मरीज की मौत के बाद निजी अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड
कोरोना पॉजिटिव मरीज की मौत के बाद प्रशासन ने नर्मदा, बंसल अस्पताल , पीपुल्स और आरकेडीएफ मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड आरक्षित किए हैं। कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने बताया कि कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ने की आशंका को देखते हुए निजी अस्पतालों में आइसोलेशन बेड और आईसीयू आरक्षित करने के आदेश दिए हैं। इधर, भोपाल ग्रुप फॉर इंफॉर्मेशन एंड एक्शन की सदस्य रचना ढींगरा ने आरोप लगाया कि जब सरकार कोरोना पॉजिटिव मरीजों का इलाज फ्री में करा रही है तो फिर मरीज से रुपए क्यों लिए गए। सरकार को इस मामले की जांच होनी चाहिए।
कहां-कितने बेड आरक्षित
- आरकेडीएफ मेडिकल कॉलेज को 100 क्वारेंटाइन और आइसोलेशन बेड और आईसीयू।
- पीपुल्स मेडिकल कॉलेज के 600 आइसोलेशन बेड और 35 आईसीयू बेड।
- बंसल अस्पताल में 10 आइसोलेशन बेड व आईसीयू
- नर्मदा अस्पताल में 10 आइसोलेशन बेड व आईसीयू
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