अनुराग शर्मा. शहर की अलग-अलग जगहों पर तब्लीगी जमात के मरकज से आए लोगों को रखा गया है। पश्चिमी इंदौर के एक गार्डन में रखे गए 25 लोगों से भास्कर ने बात की। आंध्रप्रदेश के शेख इस्माइल जमीउल्लाह ने बताया- मरकज से हर दिन लोग अलग-अलग जगहों के लिए निकलते हैं।

24 फरवरी को हमें इंदौर के लिए रवाना किया गया था। टिकट भी मरकज से ही मिला था। 25 फरवरी को हम इंदौर पहुंचे थे और यहां चंदन नगर में जमात का काम कर रहे थे। हमें कोई खबर भी नहीं थी। 13 से 15 फरवरी को एक बड़ा आलमीमशविरा भी हुआ था। उस वक्त भी जानकारीनहीं थी कि इकट्ठा नहीं होना चाहिए। लोगों को अलग रहना चाहिए। हम 25 लोग पिछले चार-पांच दिनों से क्वारेंटाइन में रह रहे हैं।

कुछ आंध्रप्रदेश से हैं तो कुछ बिहार और असम से भी हैं। इसी दौरान बात फैली कि जमात के कारण कोरोना फैल रहा है। जब तक हम वहां थे, तब तक सामान्य हालात थे। वहां हमेशा ही तादाद रहती है। सभी लोग आफियत (खैरियत) से रहते हैं, लेकिन बदकिस्मती से ये हो गया है। शुरुआत के दो दिन थोड़ा अजीब लग रहा था, क्योंकि हमें अचानक ही यहां रख दिया गया था। अब सुविधाएं भी बेहतर हैं। सुबह चाय-नाश्ता, दोपहर और रात को खाना दिया जा रहा है।

 सुरक्षा के लिए गार्ड भी हैं। अखबारों के जरिए हमें देश-दुनिया की जानकारी भी मिल रही है। उमर फारुख ने बताया- ये तो नहीं पता कि हमें यहां कब तक रखा जाएगा। असम से आए दस लोगों में पांच महिलाएं भी हैं। उनके साथ हम सभी का रविवार को टेस्ट भी किया गया है। हालांकि अभी हमें रिपोर्ट नहीं बताई है।

रिपोर्ट-2:टीआई ने दी समझाइश- सर्दी, खांसी या बुखार हो तो तत्काल डॉक्टर को दिखाएं

राघवेंद्र बाबा. मैं रविवार रात एमजी रोड थाना क्षेत्र पहुंचा। यहां टीआई राजीव चतुर्वेदी मुस्लिम समाज के प्रमुख लोगों को बुलाकर समझाइश दे रहे थे कि किसी भी सूरत में लॉकडाउन में घरों से बाहर नहीं निकलें। सर्दी-खांसी या बुखार की स्थिति में तत्काल डॉक्टर को दिखाएं।

यहां से जब क्षेत्र की दो मस्जिद के सामने से गुजरे तो वहां एेलान हो रहा था कि समाज के किसी भी व्यक्ति की यदि कोरोना के संक्रमण से या संदिग्ध स्थिति में मौत होती है तो उसकी मैयत में सिर्फ चार लोग जाएंगे। कोई भी व्यक्ति शव से लिपटेगा नहीं। जो लोग शव लेकर जाएंगे, वे ग्लव्स, मास्क और हो सके तो कपड़ों के ऊपर किट पहनें। कब्रिस्तान से आते वक्त ग्लव्स और मास्क जलाकर आएं, ताकि संक्रमण का खतरा न रहे।

पैदल चलने वाले पर भी सख्ती

कुछ देर बाद खजराना पहुंचे। यहां के हालात देखकर लग रहा था कि वाकई यहां शहर का सबसे बड़ा कर्फ्यू है। टीआई संतोष सिंह यादव लगातार अनाउंसमेंट कर रहे थे।

टीम भी उनके साथ सक्रियता दिखा रही थी। टीआई की सख्ती उस वक्त देखने को मिली जब उन्होंने पैदल जा रहे एक युवक को पकड़ा। उसे रोका और बाहर घूमने का कारण पूछा। जब युवक वाजिफ कारण नहीं बता सका तो टीआई ने उसे थाने भेज दिया। उस पर कर्फ्यू उल्लंघन का केस दर्ज करवाया। पता चला कि यहां दो युवक बिना मास्क के घूम रहे थे। पुलिस ने उन पर भी कार्रवाई की है।

अपील की तो मदद शुरू

पौन घंटे बाद जब चंदन नगर पहुंचे तो रात में ही यहां की मस्जिदों के इमाम रहवासियों से अपील कर रहे थे। बोल रहे थे कि अब जो भी स्वास्थ्यकर्मी यहां आए तो उन्हें अपनी पूरी जानकारी देना। उनकी स्क्रीनिंग करवाना और विवाद मत करना। लोगों ने बताया कि दो दिन पहले उनकी चंदननगर टीआई योगेश सिंह तोमर के साथ बैठक हुई। उसमें तय हुआ कि अब स्वास्थ्यकर्मियों के साथ स्थानीय मस्जिदों के इमाम जाएंगे। मस्जिदों में एेलान हो रहा है कि लोग अपनी जानकारी नहीं छुपाएं।

रिपोर्ट-3-हर तीस-चालीस मिनट में गलियों में चक्कर लगा रहे थे सिपाही

दिनेश जोशी.यहां न कढ़ाव के दूध की खुशबू है, न घरों के बाहर बनती नमकीन की महक। सुनाई देती है तो बस पुलिस जवानों के बूट और गाड़ियों के सायरन की आवाज। सामान्य दिनों में जिस छावनी में रात 12 बजे भी चहल-पहल होती थी, वहां भी इन दिनों सन्नाटा पसरा रहता है। जीपीओ चौराहा से छावनी की तरफ जाने वाला मार्ग बैरिकेड्स लगाकर बंद कर दिया गया है।

यही हाल मधुमिलन चौराहा से छावनी की तरफ जाने वाले मार्ग का भी है। यहां दो नंबर सरकारी स्कूल के सामने मुख्य मार्ग पर चौबीस घंटे दस जवान तैनात रहते हैं। अग्रसेन चौराहा और सरवटे की तरफ से छावनी जाने वाले मार्गों पर भी पुलिस तैनात थी, जिस उषागंज एरिया में पांच संदिग्ध मिले, वहां तो लग रहा था जैसे यहां इंसान रहते ही नहीं। उषागंज की तंग गलियों में हर तीस-चालीस मिनट में जवान गलियों में चक्कर लगा रहे थे।

जीपीओ से छावनी की तरफ जाने वाला रास्ता पूरी तरह बंद ही रहा।

दरवाजे तक नहीं खुल रहे

कोरोना संक्रमण की आशंका के चलते जिन घरों से पांच मरीजों को अलग-अलग आइसोलेशन सेंटर में रखा गया है, उनकी रिपोर्ट आने से पहले ही लोगों में डर है। यहां हर गली में दोनों वर्गों के घर हैं। इस समय लोग घर के दरवाजे तक नहीं खोल रहे हैं।

दूध लेने के लिए ही निकलते हैं

63 वर्षीय कपड़ा व्यापारी अशोक गोधा ने बताया कि सालों से छावनी में रहे हैं, लेकिन ऐसा सन्नाटा कभी नहीं देखा। अब तो दूध लेने घर से निकलते हैं। फिर तत्काल दरवाजा बंद कर लेते हैं। उषागंज में रहने वाले एमआर जैन ने कहा- अब अगले आदेश का इंतजार है, तब तक न कोई ओटले पर बैठता है और न कोई दुकान खोलता है। बस इंतजार है कि कैसे भी ये वक्त गुजर जाए।

विजयवर्गीय ने मुस्लिम धर्मगुरुओं से कहा- मेडिकल स्टाफ की मदद करें

भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और विधायक रमेश मेंदोला मंगलवार को कोरोना संक्रमण से प्रभावित चंदन नगर पंहुंचे। दोनों ने मुस्लिम धर्मगुरुओं से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि यह संकट पूरी दुनिया में है। इससे निपटने का एक ही रास्ता है कि जागरूक रहें। लक्षण पाए जाने पर मेडिकल स्टाफ का सहयोग करें। विजयवर्गीय को समाज के धर्मगुरुओं ने आश्वासन दिया कि वे लोगों को समझाएंगे। रहवासियों ने भी भरोसा दिलाया कि अब कोई घटना नहीं होगी।
समाजजनों को सड़क पर बुलाकर ही पुलिस ने उनके साथ बात की।

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