मधु विहार थाने के एसएचओ राजीव कुमार एक न्यूरो मरीज के लिए हनुमान साबित हुए। उसकी दवा कहीं नहीं मिल रही थी, ऐसे में देहरादून में एमबीबीएस फाइनल ईयर कर रही उनकी भांजी ने दिल्ली पुलिस और सीएम अरविंद केजरीवाल को ट्वीटर पर टैग कर मदद की
गुहार लगाई। संदेश मिलने के बाद डीसीपी ने स्थानीय एसएचओ को इस काम का जिम्मा दिया, जिसके बाद उन्हांेंने दिल्ली के तमाम कैमिस्टों को खंगाल डाला।
फिर भी दवा नहीं मिली। इस स्थिति में उन्हाेंने एक कैमिस्ट से मिली जानकारी के बाद इस दवा निर्माता कंपनी का पता व मोबाइल नंबर ढूंढ निकाला। जिसके बाद उन्होंने बात कर मरीज के लिए एक महीने की दवा का इंतजाम कर दिया।
दिल्ली पुलिस को एक मैसेज ट्विटर पर टैग किया था
देहरादून में एमबीबीएस कर रही दीक्षा चंद्रा ने 22 अप्रैल की रात साढ़े ग्यारह बजे पुलिस और दिल्ली पुलिस को एक मैसेज ट्विटर पर टैग किया। जिसमें लिखा था कि उनके मामा न्यूरो मरीज है। वह न्यू सूर्या किरण अपार्टमेंट, आईपी एक्सटेंशन मे रहते हैं। उनकी एक दवा खत्म हो रही है, जिसका लेना बेहद जरूरी है। लॉकडाउन की वजह से कहीं पर दवा नहीं मिल रही।
यह पता चलने पर डीसीपी ईस्ट जसमीत सिंह ने मधु विहार थाने के एसएचओ राजीव कुमार को दवा का इंतजाम करने के लिए कहा। दवा का नाम पता चलने पर एसएचओ ने न केवल अपने इलाके बल्कि दिल्ली के बड़े कैमिस्टों से संपर्क कर इस दवा के बारे में पता किया। नहीं मिलने के बाद उन्होंने सीधे दवा कंपनी निर्माता का मोबाइल ढूंढ संपर्क।
एसएचओ की गुजारिश पर दवा उपलब्ध कराने का भरोसा मिला, जिसके बाद एक पुलिसकर्मी को भेज एक महीने की दवा हासिल कर ली गई। इसके बाद पुलिस ने मरीज के घर पहुंच दवा दे दी।

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