जिले में एक सप्ताह के भीतर कोरोना का दूसरा संक्रमित केस सामने आया है। जिसमें महाराष्ट्र के कामठी से आकर कटघोरा के पुरानी बस्ती स्थित जामा मस्जिद में ठहरे 16 जमातियों में शामिल 16 वर्षीय किशोर है। उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद शनिवार की दोपहर उसे एम्स से पहुंची एंबुलेंस में इलाज के रवाना किया गया।

हैरान करने वाली बात यह है कि एक माह से होम क्वारेंटाइन में रह रहे किशोर का न तो मरकज कनेक्शन है और न ही उसके शरीर में कोरोना वायरस के कोई लक्षण दिख रहे हैं। एक माह पहले वह महाराष्ट्र से सीधे जत्थे के साथ कोरबा आकर कटघोरा पहुंचा था। इस तरह बिना लक्षण दिखे ही उसके कोरोना पॉजिटिव होने से प्रशासनिक व स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंता भी बढ़ गई है। क्योंकि अब तक लक्षण ही कोरोना वायरस की पहचान माने जा रहे थे।

किशोर को एम्स भेजा गया: कलेक्टर

कलेक्टर किरण कौशल के मुताबिक मरकज से संबंधित सभी लोगों को गेवरा-दीपका के हॉस्टल में रखा गया है। बाकी अन्य मस्जिदों में बाहर से आकर ठहरे सभी लोगों को एहतियातन क्वारेंटाइन में रखकर उनका सैंपल जांच के लिए भेजा गया था। जिसमें कटघोरा के एक मस्जिद में जमातियों के साथ ठहरे किशोर की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव मिली है। जिसे इलाज के लिए एम्स भेज दिया गया है।

मस्जिद समेत क्षेत्र को किया गया सील

कोरोना पाॅजिटिव का दूसरा केस मिलने के बाद कलेक्टर किरण कौशल, एसपी अभिषेक मीणा, सीएमएचओ डॉ. बीबी बोडे समेत अन्य प्रशासनिक-पुलिस समेत स्वास्थ्य अधिकारी कटघोरा पहुंचे। जहां क्षेत्र का निरीक्षण करने के साथ ही मस्जिद समेत आसपास के पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया। वहीं क्षेत्र में सैनेटाइज भी कराया गया।

16 सैंपल में सिर्फ किशोर की रपोर्ट पॉजिटिव आई

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक मस्जिद में ही क्वारेंटाइन किए गए जत्था के सभी लोगों की निगरानी रखी जा रही थी। उक्त सभी लोगों का 24 व 26 मार्च को हेल्थ चेकअप किया गया था। जिसमें सभी लोग स्वस्थ्य थे। इमाम खाना में ठहरे सभी लोगों का सैंपल जांच के लिए भेजा गया था। जिसमें जामा मस्जिद के उक्त 16 लोगों के सैंपल भी थे। जिसमें किशोर का सैंपल पॉजिटिव आया है।

अफसरों की समझाइश पर एम्स जाने राजी हुआ

एक माह से क्वारेंटाइन में रह रहे किशोर की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद जब उसे एंबुलेंस में एम्स भेजने के लिए मेडिकल टीम प्रशासन व पुलिस अधिकारियों के साथ पहुंची। तब किशोर खुद को ठीक बताते हुए रोने लगा और बोला मुझे कोई बीमारी नहीं है। इस दौरान अधिकारियों के साथ ही मस्जिद के प्रबंधक ने उसे समझाते हुए इलाज के लिए जाने को कहा। तब किशोर खुद ही एंबुलेंस में जाकर बैठ गया।

एक माह से मस्जिद से बाहर नहीं निकला जत्था

मस्जिद प्रबंधक के मुताबिक धार्मिक प्रचार के लिए महाराष्ट्र से सीधे 16 लोगों का जत्था पहुंचा था। इस बीच कोरोना वायरस को लेकर अलर्ट जारी होने पर उनके आने की सूचना प्रशासन को दी गई थी। तब स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मस्जिद में जत्थे में शामिल सभी लोगों को होम क्वारेंटाइन रहने की सलाह दी थी। मस्जिद प्रबंधन के अनुसार कोई भी व्यक्ति एक महीने से वहां से बाहर नहीं निकला।
पुरानी बस्ती पहुंचीं कलेक्टर और अन्य अधिकारी। एक माह से क्वारेंटाइन में रह रहे किशोर की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद जब उसे एंबुलेंस में एम्स भेजने के लिए मेडिकल टीम प्रशासन व पुलिस अधिकारियों के साथ पहुंची। तब किशोर खुद को ठीक बताते हुए रोने लगा और बोला मुझे कोई बीमारी नहीं है।

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