देश-विदेश और प्रदेश में कोरोना संक्रमण के कारण लोगों की परेशानी बढ़ी हुई है। इस बीच बारां जिले में 22 मार्च को जनता कर्फ्यू, इसके बाद लॉकडाउन के प्रथम चरण और लॉकडाउन 2.0 में अब तक कोई भी पॉजिटिव केस नहीं मिला है।
सभी अधिकारी, कर्मचारी, स्वंयसेवी संगठन और आमजन अपनी क्षमता के अनुसार बेहतर करने में जुटे हुए हैं। इस दौरान सरकार की ओर से जरूरतमंदों तक राहत पहुंचाने के लिए अधिकारियों पर बड़ी जवाबदेही थी। इसमें कई अधिकारियों ने पर्दे के पीछे रहकर खुद भी 10 से 14 घंटे तक काम किया है। साथ ही मॉनिटरिंग को प्रभावी बनाया गया है। इसके चलते लोगों को राहत मिल रही है।
भोजनशाला की जिम्मेदारी संभाल रहे एसडीएम, ताकि जरूरतमंद भूखा नहीं रहे
एसडीएम शत्रुघ्न गुर्जर शहर में व्यवस्थाओं को बेहतर ढ़ंग से अंजाम दे रहे हैं। एसडीएम गुर्जर ने बताया कि सुबह 8 बजे से फोन पर ही मॉनिटरिंग शुरू कर देते हैं।
शहर में जरूरतमंदों को भोजन पहुंचाने की व्यवस्था देख रहे हैं। हर वार्ड में जरूरतमंद को चिंिहत किया है।
हर वार्ड में प्रभारी, कलस्टर सहित चार स्तरीय टीम बनाकर मॉनिटरिंग कर रहे हैं, ताकि कोई भूखा नहीं सोए।
सभी को भोजन स्वच्छता एवं सफाई से पहुंचे। इसको लेकर भी भोजनशाला की विजिट करते हैं। लोगों को इमरजेंसी में पास आदि को लेकर भी काम कर रहे हैं।
साथ ही नियमित विभागीय कामकाज भी कर रहे हैं। घर में छोटी बेटी से भी मिलना-जुलना नहीं हो पा रहा है। घर पहुंचने पर पूरी एेहतियात बरत रहे हैं।
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