लॉकडाउन के दौरान अब चीजों की कमी हाेने लगी है। इसके परिवहन में भी समस्या आ रही है। इंदौर और अन्य शहरों से इससे संबंधित शिकायतें मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस के पास पहुंची हैं। ऐसे में मुख्य सचिव के आदेश पर गृह विभाग के प्रमुख सचिव एसएन मिश्रा ने सभी कलेक्टरों के लिए लिखित आदेश जारी किया। इसमें लिखा है कि वस्तुओं के आवागमन के लिए ट्रकों के परिवहन को छूट दी है। फिर भी इन्हें रोका जा रहा है।
ड्राइवरों को आईडी कार्ड दिखाने के बाद भी जाने नहीं दिया जा रहा। इन्हें नहीं रोका जाए। ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक कंपनियों जैसे- अमेजन, फ्लिपकार्ट आदि को भी कई जिलों से माल का परिवहन करना होता है। इसमें भी बाधा आ रही है। इन कंपनियों को मप्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड
(एमपीआईडीसी) मंजूरी दे रहा है। इसके िलए अलग पास की जरूरत नहीं है।
वहीं, दूध वालों को गांवों से दूध लाने में दिक्कत हो रही है। विक्रेताओं ने कहा कि सुबह गांव में जाकर दूध लाना होता है। इसके बाद ही आठ से दस बजे के बीच बांट पाते हैं। सुबह गांव जाने की छूटमिलना चाहिए। इसी तरह दूध को शाम को फ्रिंजिंग पॉइंट ले जाने की भी छूट नहीं है। पुलिस रोक रही है। छूट मिलने से दूधका वितरण और बेहतर होगा।
कलेक्टर बोले- इन्हें नहीं रोक सकते
कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि अनिवार्य सेवा में लगे लोग, श्रमिक, दूध और दवा विक्रेता, बैंककर्मियों को आने-जाने की छूट है। इन्हें नहीं रोकने के आदेश है। इन्हें अपने साथ आईडी रखना होगा। वहीं, होम डिलीवरी सुविधा को लेकर सिंह ने कहा कि करीब 2200 परिवारों पर एक किराना दुकान खुली है। बुधवार तक यह 1100 परिवार और तीन दिन में 500 परिवार पर एक दुकान तक हो जाएगी। इससे कुछ ही दिनों मंे होम डिलीवरी सुविधा मजबूत हो जाएगी।
आईडीए कर्मचारियों ने एक दिन का वेतन दान किया, 4 लाख से ज्यादा राशि जमा हुई
आईडीए के अधिकारियों व कर्मचारियों ने एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री सहायता कोष में दान किया है। इसकी कुल राशि 4.02 लाख रुपए बताई जा रही है। सीईओ विवेक श्रोत्रिय ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते प्राधिकरण के अधिकारी और कर्मचारी मुस्तैदी से क्वारेंटाइन सेंटरों की व्यवस्था संभाले हुए हैं। इन केंद्रों में चाय-पानी आदि की व्यवस्था भी कर्मचारी ही कर रहे हैं।
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