डीएसमी हॉस्पिटल में वायरल लोड टेस्टिंग की शुरुआत सोमवार से हो जाएगी। इसकी पुष्टि डीएमसीएच के सेक्रेटरी प्रेम गुप्ता ने की। उन्होंने कहा कि हमें हर जगह से अनुमति मिल चुकी है। पीजीआई द्वारा भी हमारे भेजे गए सैंपल्स की जांच कर ली गई है। हम सोमवार से वायरल लोड टेस्टिंग की शुरुआत कर देंगे। इसके लिए हॉस्पिटल में लैब भी पूरी तरह से लैस है। अभी हम किट की क्षमता के अनुसार ही टेस्टिंग करेंगे। जैसे-जैसे हमारे पास किट्स आती रहेंगी टेस्टिंग बढ़ती रहेगी। काबिलेजिक्र है कि डीएमसी हॉस्पिटल की लैब को तीन स्तर पर लैब की परमिशन मिली है।
इसमें एनसीबीएल की ओर से हॉस्पिटल की लैब को 8 अप्रैल को अनुमति मिल गई थी। इसके बाद पंजाब सरकार द्वारा भी अनुमति दे दी गई थी। आखिरी चरण में आईसीएमआर की ओर से परमिशन मिली थी। लेकिन सैंपल्स को हॉस्पिटल की लैब कितने सही ढंग से जांच कर पाती है इसके लिए आईसीएमआर द्वारा पीजीआई चंडीगढ़ को सैंपल्स की रिपोर्ट देखने के लिए कहा था। जिसके बाद डीएमसी द्वारा इस पड़ाव को भी पार कर लिया गया।
वायरल लोड टेस्टिंग की अनुमति पाने वाली जिले के पहली लैब है डीएमसीएच
डीएमसीएच वायरल लोड टेस्टिंग के लिए जिले की पहली लैब है। यहां पर होने वाली टेस्टिंग से टेस्टिंग की प्रक्रिया में तेजी आएगी। सुबह सैंपल भेजे जाने पर कुछ घंटों में ही रिपोर्ट मिल जाएगी। अहम सैंपल्स को डीएमसी में भेजा जा सकेगा। ताकि रिपोर्ट भी जल्दी मिल सके।
सिविल हॉस्पिटल से आएंगे सैंपल
डीएमसीएच मैनेजिंग कमेटी के सेक्रेटरी प्रेम गुप्ता ने बताया कि फिलहाल हमारे पास सैंपल सिविल हॉस्पिटल के जरिए ही आएंगे। वहां पर एंट्री होने के बाद ही हम टेस्टिंग करेंगे। इसी तरह से रिपोर्ट आने पर हम पहले सिविल हॉस्पिटल को भेजेंगे। वहां पर एंट्री के बाद हम एक रिपोर्ट विभाग को और एक मरीज को देंगे। उन्होंने बताया कि सैंपल हमारे पास सुबह आएंगे तो हम उसी दिन शाम तक रिपोर्ट दे दिया करेंगे। हम अपने जिले के सैंपलों की जांच तो करेंगे ही साथ ही हमारी जो भी क्षमता होगी हम अन्य जिलों की टेस्टिंग भी करेंगे।
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