एम्स गए डमी मरीज को एकांत में रहना है... इधर आभार जताने पहुंच गए दर्जनों अफसर
प्रशासन की मॉकड्रिल का हिस्सा बने डमी पेशेंट का गुरुवार को प्रशासनिक अमले ने तालियों के साथ आभार जताया। इस दौरान भागवत चौक स्थित घर के पास भीड़ जुटी रही। जबकि, एम्स जाकर लौटे उस व्यक्ति को 14 दिन और आइसोलेशन में रहने को कहा गया है। क्योंकि एम्स में अभी कोरोना के मरीजों का इलाज चल रहा है, लिहाजा एम्स के उस हिस्से को डेंजर जोन माना जा रहा है।

बुधवार को जिला प्रशासन ने जालमपुर वार्ड के भागवत चौक में कोरोना संक्रमण को लेकर मॉकड्रिल की गई। दिल्ली से 22 मार्च को लौटे एक व्यक्ति को डॉक्टरों ने कोरोना संक्रमित डमी बनाया गया। उसे 108 संजीवनी एंबुलेंस से इलाज के लिए तुरंत रायपुर एम्स ले गए। जब एम्स के आइसोलेशन वार्ड में पहुंची डॉक्टरों की टीम मरीज का सैंपल लेने लगी, तो मरीज घबराकर बिस्तर से उठा और बोला मैं तो डमी हूं। डॉक्टर भी हैरान हो गए। उसे तुरंत वहां से बाहर निकालकर उसी एंबुलेंस से फिर घर लाकर शाम करीब 4.30 बजे छोड़ा।

चूंकि उक्त व्यक्ति को एम्स के डेंजर जोन से वापस लेकर लौटे है, उस पर संक्रमण का खतरा है। इसलिए 14 दिन घर से बाहर न निकलने की चेतावनी दी गई, लेकिन दूसरे दिन शाम 6 बजे पुलिस अफसर फिर से चौक पर पहुंच गए। घर को चारों ओर से घेरकर उक्त व्यक्ति को बाहर निकलने कहा। जैसे ही वह बाहर आया, पुलिस अफसरों ने प्रशासन का सहयोग करने के लिए धन्यवाद देकर आभार किया। तालियां बजाईं। इस दौरान वार्ड में बड़ी संख्या में भीड़ बढ़ गई थी।

एम्स के गेट से ही लौट अाई थी टीम : डॉ. तुर्रे
हालांकि सीएमएचओ डॉ. डीके तुर्रे इससे इनकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि जिस व्यक्ति को कोरोना संक्रमित डमी बनाया गया था, उसे एंबुलेंस से रायपुर एम्स लेकर जरूर गए, लेकिन मुख्य गेट से एंबुलेंस वापस लौट गई। डेंजर जोन से करीब आधा किमी दूर था। चूंकि उसे रायपुर एम्स तक लेकर गए थे इसीलिए 14 दिन और होम क्वारेंटाइन किया गया है। साथ ही देश के हॉट स्पॉट के तौर पर चिह्नित किए गए स्थानों से लौटे 75 लोगों की निगरानी स्वास्थ्य विभाग कर रहा है।
एम्स गए डमी मरीज को एकांत में रहना है... इधर आभार जताने पहुंच गए दर्जनों अफसर
Dummy patient who has gone to AIIMS has to remain in solitude… dozens of officers have reached here to show gratitude



Post a Comment

أحدث أقدم