गिद्दड़बाहागावं कराईवाला में चरित्र पर संदेह के चलते गुरुद्वारा साहिब के ग्रंथी चमकौर सिंह को ग्रामीणाें ने पहले पीटा और उसके बाद जंजीर से बांध दिया। सिविल अस्पताल में उपचाराधीन चमकौर सिंह ने बताया कि वह गांव के गुरुद्वारे में 6 साल से ग्रंथी है। लेकिन गांव के कुछ व्यक्ति उसे गुरुद्वारा साहिब से निकालकर खुद गुरुद्वारा साहिब के सेवा संभालना चाहते हैं इस लिए उससे मारपीट की और उसे बिना वजह बांधकर रखा।

इस संबंधी गांव के सरपंच बख्शीश सिंह बताया कि ग्रंथी चमकौर सिंह रात्रि के समय गुरुद्वारा साहिब छोड़कर चला जाता है और सुबह गुरुद्वारा साहिब वापस आ जाता है। उन्होंने बताया कि काेरोना बीमारी के प्रकोप को लेकर जब गांव में कोई अनाउंसमेंट करवानी होती है तो ग्रंथी जी का फोन बंद आ रहा होता है, जिस कारण गांववासियों को मुश्किल पेश आती है और उन्होंने कई बार ग्रंथी को समझाया,परंतु समझने को तैयार नहीं। उन्होंने बताया कि ग्रंथी से गुरुद्वारा छोड़ने की बात पूछी तो भागने की कोशिश की अाेर से गांव के गुस्से में भरे लोगों ने ग्रंथी से मारपीट करनी चाहिए, लेकिन उन्हें रोक दिया। थाना कोटभाई मुखी कृष्ण ने बताया कि वीडियो देखी है और मामले की जांच कर रहे हैं।



गिद्दड़बाहागावं कराईवाला में चरित्र पर संदेह के चलते गुरुद्वारा साहिब के ग्रंथी चमकौर सिंह को ग्रामीणाें ने पहले पीटा और उसके बाद जंजीर से बांध दिया।

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