उज्जैन के एक डॉक्टर अपने 85 साल के संक्रमित डॉक्टर भाई को अस्पताल की एंबुलेंस से चोरी-छिपे इंदौर से शहर में ले आए।
निमोनिया बताकर चेरिटेबल अस्पताल में उनका इलाज कराते रहे। यहां छह दिन तक इलाज चला। तीन दिन पहले उन्हें आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में शिफ्ट किया।
अब भाई की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। इसके बाद से इलाज करने वाले चेरिटेबल अस्पताल के डॉक्टर, नर्स, कर्मचारी कोरोना की चपेट में आने की आशंका को लेकर घबराए हुए हैं।
अब रिपोर्ट के बाद अस्पताल के स्टाफ को चौथे माले पर क्वारेंंटाइन किया है।
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