प्रदेश में इस साल 335.46 लाख मीट्रिक टन गेहूं के उत्पादन का अनुमान है, जो देश के उत्पादन का 31.58% है। 

कोरोना के कारण लॉकडाउन के बीच मुरैना जैसे कुछ जिलों को छोड़कर अधिकतर जगह 90% तक कटाई हो चुकी है। 

अब बस इंतजार है मंडियों के गेट खुलने का। सरकार ने उज्जैन सहित कुछ अन्य जिलों को छोड़कर बाकी जगह 15 अप्रैल से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी शुरू करने की घोषणा की है।

 फिलहाल किसानों के लिए गेहूं संभालना मुश्किल हो रहा है। ऐसा पहली बार हो रहा है कि गेहूं कहीं धर्मशाला में रखना पड़ रहा है।

 ऐसी नौबत रतलाम जिले में आई है। वहीं बुरहानपुर में लोगों ने किराए का मकान लेकर गेहूं रखा है। अिधकतर जगह खुले में ही पड़ा है। पढ़िए ग्राउंड रिपोर्ट -
रतलाम : खेत से लेकर घर तक उपज बिखरी पड़ी है। रतलाम में फसलों की 90% तक कटाई हो चुकी हैं जबकि मंदसौर में शत-प्रतिशत कटाई हो गई है। 

जावरा ब्लॉक में गेहूं की 90% फसल किसान समेट चुके हैं। शिवपुर की गुजराती धर्मशाला में चौधरी परिवार सहित अन्य किसानों का गेहूं रखा है। पिछले साल कटाई के बाद गेहूं लेकर सीधे मंडी पहुंच गए थे। इसबार अभी तक वे मंडी खुलने का इंतजार कर रहे हैं।

उज्जैन : जैसे-तैसे कटाई की, अब रखने का संकट

जिले में 90% गेहूं फसल की कटाई हो चुकी है। उज्जैन से 12 किमी दूर दुदर्शी गांव के किसान अजय पटेल बताते हैं कि हर साल पंजाब और हरियाणा से हार्वेस्टर आते थे। 

झाबुआ, आलीराजपुर, धार से मजदूर आते थे। वे लॉकडाउन के कारण काम पूरा किए बगैर लौट गए। जवासिया के किसान जीवनसिंह पाटपाला बताते हैं, गेहूं की पैदावार भी बंपर हुई है लेकिन मंडी या गोदामों में नहीं पहुंचाया जा सका।

रायसेन: फसल की कटाई पर संकट

मजदूर और हार्वेस्टर नहीं मिलने से गेहूं के दाने अब तेज धूप के कारण खेत में ही गिरने लगे हैं। बाड़ी और बरेली क्षेत्र में 60 फीसदी फसल कटने के अभाव में खेतों में खड़ी हुई है। सीमा सील होने से छिंदवाड़ा, मंडला, डिंडोरी, अनूपपुर और कटनी से आने वाले मजदूर नहीं आ पा रहे हैं ।


सागर: बाजार बंद पड़े बारदाना कहां से लाएं

गेहूं भंडारण के लिए इस बार सबसे ज्यादा परेशानी उन किसानों को हो रही है, जिनके पास कोई संसाधन नहीं हैं। ऐसे में 70% गेहूं खुले खेत में ही रखा हुआ है। बाजार बंद होने से बारदानों की कमी भी बनी हुई है। टीकमगढ़ व छतरपुर जिले में करीब 40% कटाई बाकी है। वजह है मजदूर नहीं मिलना।


होशंगाबाद: घर के आंगन में रखा है गेहूं
ग्राम खेरुवा निवासी किसान नरेश चौरसिया ने बताया कि शनिवार रात हार्वेस्टर की व्यवस्था हुई और पूरी रात जागकर गेहूं की फसल कटवाई। घर के आंगन में फिलहाल उसे रखा गया है। अगर आवारा मवेशी आ गए तो वे खुले में रखे इस गेहूं का नुकसान कर सकते हैं।
Locked on mandis, farmers have to keep wheat in Dharamshala

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