लॉकडाउन को बोझ न समझें, संकट की घड़ी में घर पर ही रहें, यही कोरोना से सबसे बड़ा बचाव है। विश्व स्तर पर छाई महामारी से सबका लाइफ स्टाइल बदल गया है। आइए लॉकडाउन में कुछ नया सीखें, किताबें पढ़ें, नई भाषा का ज्ञान लें। यह आह्वान सीएम मनोहर लाल ने हरियाणा के लोगों से किया है।
सीएम रोजाना 45 मिनट की बजाए डेढ़ घंटा व्यायाम करने लगे हैं, तकरीबन एक घंटा किताबें पढ़ते हैं। उन्हें कंप्यूटर पर काम करने का शौक है, लेकिन कुछ वर्षों से व्यस्तता के चलते शौक कहीं दब गया था। अब वे रोजाना एक घंटा कंप्यूटर पर काम करते हैं। वीसी के जरिए अफसरों से पल-पल की रिपोर्ट लेते हैं।
अफसोस का नहीं, बुरी आदतें त्यागने का समय
सीएम ने संदेश में कहा कि लॉकडाउन का समय बाहर निकलने या घर बैठकर अफसोस करने का नहीं, बल्कि अपने जीवन की बुरी आदतों को त्यागने का है। इस दौर से हम सभी को कुछ न कुछ नया सीखकर अपने जीवन में लागू करना चाहिए। सीएम ने कहा कि लॉकडाउन को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। इस समय हरियाणा के करोड़ों लोगों की दिनचर्या बदल चुकी है। अगर कोई व्यक्ति किसी तरह का नशा करता है तो इन 21 दिनों वह नशा त्याग सकता है। इसी समय में बच्चों को कहानियां सुनाएं। हर किसी को सकारात्मक सोचने की जरूरत है। सीएम ने युवाओं को पेंटिंग करने, संगीत का अभ्यास करने अथवा संगीत सुनने का सुझाव भी दिया। बोले, जिन लोगों को खाना बनाने का शौक है वह भी रसोई घर में पूरा कर सकते हैं।
40 साल पहले 20 दिन में सीखी थी तमिल
सीएम ने संवाद के दौरान अपने अनुभव साझा किए। बात वर्ष 1980 में की है। जब उन्हें किसी काम के सिलसिले में बीस दिन के लिए तामिलनाडु जाना पड़ा था। वहां भाषा की दिक्कत आड़े आई। चूंकि ज्यादातर समय एक होटल में ही व्यतीत होता था। ऐसे में उन्होंने 20 दिन होटल में रहकर तमिल भाषा सीखी। जिसका लाभ आजतक हो रहा है। लॉकडाउन के दौरान हम सभी को कुछ न कुछ नया सीखना चाहिए।
सीएम ने सुनाई बच्चों की भेजी कविताएं
सीएम ने कहा सरकार ने युवाओं व बच्चों को रचनात्मक कार्यों के साथ जोड़ने के लिए कृतियां मंगवाई हैं। ऐसे बच्चों को कोविड सेनानी के रूप में सम्मानित किया जाएगा। अम्बाला जिला के नारायणगढ़ निवासी मनीष जोशी व गुरुग्राम जिला के गांव पालड़ा के कृष्ण राघव द्वारा कोरोना के संबंध में लिखकर भेजी गई कविताएं भी पढ़कर सुनाई।

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