क्षेत्र के हथडोली, निमोद राठौद, हिंदूपुरा, थडोली, कोलाडा, बपुई सहित कई ग्राम पंचायत मुख्यालय एवं गांवों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर महिलाओं को पूरक पोषाहार का वितरण नहीं करने का मामला सामने आया है।

महिला एवं बाल विकास विभाग ने आदेश जारी करके कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर पूरक पोषाहार सेवा में बढ़ोतरी करते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों के माधयम से लाभार्थियों को 3 सौ दिवस पूरक पोषाहार राशन टेक टू होम उपलब्ध करवाने के निर्देश जारी किए गए थे। इसके बाद भी बौंली महिला बाल विकास परियोजना विभाग की उदासीनता के चलते क्षेत्र के कई आंगनबाड़ी केन्द्रों पर तो राशन सामग्री तक नहीं पहुंच पाई और जिन


केन्द्रों पर सामग्री पहुंच गई, वहां पर कार्यकर्ताओं द्वारा सामग्री का वितरण नहीं किया गया। 


विभागीय आदेशानुसार आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यरत कार्यकर्ताओं एवं सहयोगिनियों द्वारा घर-घर जाकर गर्भवती तथा धात्री महिलाओं एवं 11 से 14 वर्ष की स्कूल नहीं जाने वाली किशोरी बालिकाओं के लिए 3 किलो गेहूं 1 किलो दाल, 0 से 6 वर्ष के बालक बालिकाओं के लिए 2 किलो गेहूं एवं 1 किलो दाल, 0 से 6 वर्ष तक के कम वजन वाले बच्चों के लिए (कुपोषित) 3 किलो गेहूं व 2 किलो दाल वितरित किया जाना था। 

ऐसे में शुक्रवार को हथडोली सरपंच समोदरा देवी, निमोद राठौद सरपंच राजन्ती देवी, हिंदूपुरा सरपंच नरेंद्र महावर, बागडोली सरपंच गम्भीरमल गुर्जर, पीपलवाडा सरपंच कजोड़ी देवी ने अपने पंचायत क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों का दौरा करके सरकारी योजनाओं का लाभ शीघ्र लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए पाबंद किया है।
Even after the order, Anganwadi workers are not distributing supplementary nutrition, Sarpanches banned

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