हमारा जिला ग्रीन जोन में है, यानी कोरोना वायरस के संक्रमण से अब तक सुरक्षित है। हालांकि हाईवे से निकलने वालों से खतरा ज़रूर बना हुआ है। पिछले दिनों इंदौर से साइकिल से चलकर टीकमगढ़ पहुंचे युवक के कोरोना पॉजिटिव निकलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की चिंताएं बढ़ गई थीं। वहीं पूरा पुलिस, प्रशासन हरकत में आ गया था। युवक हाईवे से निकलते समय बीनागंज में अपने एक दोस्त को बुलाकर खाना लिया था।
इस वजह से सतर्कता को लेकर युवक के पूरे परिवार को क्वारेंटाइन किया गया है। वहीं सभी के सैंपल भी लिए थे। लेकिन इनकी जांच निगेटिव आ गई हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग ने राहत में सांस ली। हालांकि गादेर स्थित खड़ेश्वरी मंदिर पर युवक सोया था और हैंडपंप से पानी भरा था। यहां रहने वाले सभी लोगों को क्वारेंटाइन किया गया है। मंदिर से पुजारी सहित अन्य लोगों के भी सैंपल लिए हैं।
जहां चिंता थी, रिपोर्ट से मिली राहत : म्याना के डुंगासरा स्थित द्दू ढाबे पर इंदौर से भागे कोरोना पॉजिटिव युवक ने खाना लिया था। इस वजह से ढाबे के पूरे सदस्यों को क्वारेंटाइन किया गया है। वहीं यहां रहने वाले सभी 7 सदस्यों की कोरोना रिपोर्ट भी निगेटिव आ चुकी है। वहीं ढाबे के सदस्यों का परीक्षण किया जा चुका है।
स्त्री रोग विशेष ग्वालियर से आईं और मरीज देखने लगीं
दुबे कालोनी में निवासरत स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. छाया शर्मा को भी क्वारेंटाइन किया गया है। सीएमएचओ पी बुनकर ने बताया कि वह दो दिन पहले ग्वालियर से लौट कर आईं थी। लेकिन वह क्वारेंटाइन नहीं हुईं। यह जानकारी कलेक्टर साहब के पास पहुंची थी। उन्होंने इसकी सूचना दी तो डॉक्टर छाया शर्मा को क्वारेंटाइन करा दिया है। यह भी चर्चाएं हैं कि वह ग्वालियर से आने के बाद मरीजों को भी देखने लगीं थीं। यह सूचना कलेक्टर तक पहुंची इसके बाद उन्हें स्वास्थ्य विभाग ने क्वारेंटाइन करा दिया।
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