कोरोना मरीज के बेटे को अस्पताल लाने के लिए सेहत विभाग ने भेजी धूल-मिट्‌टी से भरी एंबुलेंस, युवक ने बैठने से मना किया तो झाड़ू लगवा दी
खेमकरण में मंगलवार को कोरोना पॉजीटिव पाए गए नरिंदर सिंह के बेटे को एहतियात के तौर पर अस्पताल लाने के लिए सेहत विभाग के अफसरों ने धूल-मिट्‌टी से भरी एंबुलेंस उनके घर भेज दी। एंबुलेंस की न तो सफाई की गई थी और न सेनिटाइजेशन। एंबुलेंस में दो सीटों के अलावा कुछ नहीं था। एंबुलेंस की हालत देखकर नरिंदर सिंह के बेटे ने उसमें बैठने से इनकार किया तो सेहत महकमे के अधिकारियों ने वहीं पर एक कर्मचारी से उसमें झाड़ू लगवा दी।
सूत्रों के अनुसार, एंबुलेंस लंबे समय से सिविल अस्पताल में खड़ी थी। सेहत महकमे के पास उसे चलाने के लिए पक्का ड्राइवर तक नहीं है इसलिए खेमकरण सिविल अस्पताल का एक मुलाजिम एंबुलेंस चलाकर नरिंदर सिंह के घर पहुंचा। इस घटना ने कोरोना से लड़ने के लिए तरनतारन जिला प्रशासन के प्रबंधों की पोल खोलकर रख दी। जिला प्रशासन और सेहत अफसरों से जवाब देते नहीं बन रहा।

लंबे समय से खेमकरण अस्पताल में खड़ी थी एंबुलेंस, चलाने के लिए ड्राइवर भी नहीं

खेमकरण में ही रहने वाले नरिंदर सिंह के बेटे को मंगलवार दोपहर सेहत विभाग के टीम एंबुलेंस लेकर उसके घर से आइसोलेशन सेंटर ले जाने पहुंची। एंबुलेंस धूल-मिट्‌टी से भरी थी। घर से सामान लेकर निकले नरिंदर सिंह के बेटे ने जब एंबुलेंस की हालत देखी तो उसमें बैठने से इनकार कर दिया। उसने सेहत महकमे की टीम से दोटूक कह दिया कि एंबुलेंस की हालत ठीक नहीं है इसलिए वह अपनी गाड़ी से आइसोलेशन सेंटर जाएगा। मौके पर मौजूद सेहत मुलाजिमों ने उसकी बात एसएमओ रोहित मेहता से करवाई। एसएमओ ने मुलाजिमों को एंबुलेंस की सफाई और सेनिटाइजेशन कराने को कहा। नरिंदर सिंह के बेटे की आपत्ति के बाद एंबुलेंस लेकर आए सेहत मुलाजिमों में से एक कर्मचारी एंबुलेंस में झाड़ू लगाने लगा। साफ-सफाई और सेनिटाइजेशन के बाद ही नरिंदर सिंह के बेटे को एंबुलेंस में बैठकर तरनतारन अस्पताल ले जाया गया।

धूल-मिट्टी पर कुछ नहीं बाेले एसएमओ

एसएमओ रोहित मेहता ने कहा कि खेमकरण सिविल अस्पताल में एंबुुलेंस चलाने के लिए सरकारी ड्राइवर नहीं है। इस बारे में अफसरों को बताया गया था। हालांकि एंबुलेंस की साफ-सफाई न होने और उसमें पड़ी धूल-मिट्‌टी पर एसएमओ कुछ नहीं बोले।

कार्रवाई करेंगे

मामला गंभीर है इसलिए इसकी इंक्वायरी मार्क कर दी गई है। जांच में जिसकी लापरवाही पाई गई, उसे बख्शा नहीं जाएगा। -बलबीर सिंह सिद्धू, सेहत मंत्री
कोरोना मरीज के बेटे को अस्पताल लाने के लिए सेहत विभाग ने भेजी धूल-मिट्‌टी से भरी एंबुलेंस, युवक ने बैठने से मना किया तो झाड़ू लगवा दी
To bring the son of a corona patient to the hospital, the health department sent a dust-filled ambulance, the young man refused to sit and got a broom.


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