खांसी और सांस में तकलीफ से गंभीर रूप से बीमार शुभम चाैरसिया को जेएएच की ओपीडी में मौजूद डॉक्टरों ने शनिवार रात भर्ती करने की बजाय 5 दिन की दवा देकर घर भेज दिया। युवक ने दो घंटे बाद दम तोड़ दिया। युवक में कोरोना जैसे लक्षण होने के बाद भी भर्ती न करना लापरवाही की पोल खोल रहा है। मौत के बाद रविवार सुबह अधिकारी आैर डॉक्टरों की टीम उसके घर पहुंची।
टीम ने उसके पिता बबलू चौरसिया, मां पवनदेवी और बहन शिवानी को जिला अस्पताल में आइसोलेशन में रखा है। डॉक्टरों का कहना है कि युवक टीबी का मरीज था। बबलू को सर्दी आैर खांसी है, इसलिए उनका सैंपल लिया गया है। जबकि शुभम के पिता बबलू का कहना है कि उसे 5-6 दिन से ही तकलीफ हुई थी। वहीं मुरैना में कोरोना संक्रमित मिले युवक की मां की त्रयोदशी में शामिल हुआ ग्वालियर पुरानी छावनी निवासी धर्मेंद्र सिंह रविवार को जेएएच की आेपीडी में पहुंचा।
उसने डॉक्टरों से कहा कि वह मुरैना में त्रयोदशी में शामिल हुआ था, जिसमें कोरोना संक्रमित12 लोग मिले हैं। मुझे भी खांसी हो रही है इसलिए सैंपल लिया जाए। डॉक्टरों ने उसे दवा देकर लौटा दिया। इसके बाद धर्मेंद्र जिला अस्पताल पहुंचा। वहां डॉक्टरों ने सैंपल लिया और आइसोलेशन में रहने को कहा।
Click here to see more details

إرسال تعليق