होम क्वारेंटाइन युवक को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया, वहां से भी वह भाग निकला
जिले में कोरोना संक्रमित मरीज नहीं मिलने से कोरोना योद्धाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। तीन दिन पहले नासिक से आए स्वामी बगिया निवासी करण पुत्र पप्पू रजक उम्र 21 साल को होम क्वारेंटाइन पर रखा था। लेकिन शुक्रवार की रात उक्त युवक शराब के नशे में दूसरे मोहल्ले में गाली गलौच करते हुए मिला। शिकायत मिलने पर पुलिस ने युवक को पकड़कर उस पर 188 की कार्रवाई करते हुए जमानत देकर अस्पताल भिजवा दिया। जहां से होम क्वारेंटाइन युवक की हिस्ट्री और लक्षण कोरोना से न मिलने के बाद भी उसको आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया। रात भर आइसोलेशन वार्ड में रहने के बाद युवक सुबह बाथरूम जाने का बोलकर फरार हो गया। ऐसे में वहां मौजूद गार्ड सहित स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है। क्योंंकि क्वारेंटाइन पर गए युवक को आइसोलेशन वार्ड में रखना ही स्वास्थ्य महकमें की बड़ी त्रुटि है। हालाकि बाद में युवक को फिर पकड़कर उसके घर पर ही क्वारेंटाइन कर दिया है।

आइसोलेशन वार्ड में आखिर क्यों रखा

तीन दिन पहले युवक का परीक्षण करने के बाद जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने ही उसको होम क्वारेंटाइन किया था। इसके बाद बीती रात जब करीब 11 बजे पुलिस उसको लेकर अस्पताल पहुंची तो वहां से उसको क्वारेंटाइन सेंटर न भेजते हुए आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया। जबकि देखा जाए तो युवक में कोई लक्षण नहीं थे तो उसको क्वारेंटाइन सेंटर भेजना था न कि आइसोलेशन वार्ड। जहां कोरोना संक्रमण का सबसे अधिक खतरा रहता है क्योंकि कोरोना के जितने भी संदिग्ध मरीज हैं वे आइसोलेशन वार्ड में ही रखे जा रहे हैं।

आइसोलेशन वार्ड की सुरक्षा पर सवाल

कोरोना संदिग्ध मरीजों को भर्ती करने के लिए सीएमएचओ कार्यालय के पास नर्सिंग सेंटर की बिल्डिंग में आइसोलेशन वार्ड बनाया है। मानकर चलें कि जो युवक भाग कर गया है इसके स्थान पर कोई पॉजीटिव मरीज होता तो ग्रीन जोन जिले को कोरोना संक्रमित होने में समय नहीं लगता। यह चूक कहीं न कहीं आइसोलेशन वार्ड की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही है, जिससे दिन भर जिम्मेदार अधिकारी बचते हुए नजर आए।

टीआई बोले- 188 की कार्रवाई के बाद जमानत देकर भेजा था अस्पताल

^युवक दूसरे मोहल्ले में गाली गलौच कर रहा था। जब पकड़ा तो पता चला कि तीन दिन पहले नासिक से फल लेकर आए ट्रक से आया है। 188 की कार्रवाई के बाद जमानत देकर हॉस्पिटल पुलिस से भिजवा दिया था। इसके बाद डॉक्टरों ने परीक्षण कर उसको आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया। जब आइसोलेशन वार्ड में गार्ड तैनात हैं तो पुलिस सुरक्षा की बात कहा आती है। संबंधित युवक कैदी नहीं था, सीएमएचओ साहब गलत जानकारी दे रहे हैं।
पीपी मुदगिल, टीआई कोतवाली।

सीएमएचओ बोले, पुलिस को करना थी सुरक्षा

डाॅ. जेआर त्रिवेदिया, सीएमएचओ के मुताबिक, मरीज में लक्षण नहीं थे तो डॉक्टर को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती नहीं करना था। जो युवक भाग गया वह पैरोल पर छूटकर आया था ऐसी जानकारी मिली है। हालाकि युवक कोरोना मरीज नहीं था। पुलिस उसको हॉस्पिटल लेकर आई थी।

उसकी सुरक्षा की व्यवस्था भी उनको ही करना थी। सुबह जब वह बाथरूम का बहाना बनाकर भाग गया उस समय आइसोलेशन वार्ड में दो पुलिस गार्ड भी तैनात थे। गार्ड की लापरवाही से मरीज भागा है, लिखिोत में यह बात कोतवाली टीआई को दी है। क्वारेंटाइन व्यक्ति को आइसोलेशन वार्ड में किस कारण से भर्ती कराया, इसकी जांच की जाएगी।



होम क्वारेंटाइन युवक को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया, वहां से भी वह भाग निकला
Home quarantine youth admitted to isolation ward, from there he escaped


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