महज छह दिन में दूसरी कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने पर हिंदपीढ़ी में दहशत है। सुबह में निकले लोग पुलिस की सायरन सुनते ही घरों में दुबक गए। अब यहां सुरक्षा ज्यादा कड़ी कर दी गई है। सुबह 11 बजे प्रशासन के लोग मेडिकल टीम के साथ नाला रोड पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से पीड़िता और उनके घरवालों से बातचीत की गई।
उन्हें आश्वस्त किया गया कि घर की जगह अस्पताल क्वारेंटाइन और आइसोलेशन के लिए सही है। एक बजे जब पीड़िता को एम्बुलेंस में बैठाया जाने लगा तो कोई भी मेडिकल स्टाफ आगे नहीं आया। वाहन चालक और रिश्तेदारों ने मदद की। इसपर लोगों ने एतराज जताते हुए कहा कि जब अभी ये हाल है तो अस्पताल में इनका इलाज कैसे होगा। दूसरे वाहन में पीड़िता के पति, 3 पुत्र और करीब 10 और चार साल के प्रपौत्र को बैठाया गया। दोनों वाहन पुलिस की सुरक्षा में रिम्स भेजे गए।
किडनी और बीपी का एक साल से हो रहा इलाज जमात से कोई संबंध नहीं : तबलीगी जमात के हाजी जसीम ने बताया कि पीड़िता या उनके परिवार का जमात से कोई लेना-देना नहीं है। उनका धार्मिक विचार जमात के विपरीत है।
मांग...स्क्रीनिंग छोड़ घर-घर की जांच हो
हिन्दपीढ़ी में चली रही कांटैक्ट स्क्रीनिंग सोमवार को नहीं हुई। रविवार तक 7403 परिवार के 45844 लोगों की स्क्रीनिंग हो चुकी थी। नाला रोड की मस्जिद अम्बिया कमेटी के सदर सज्जाद इदरीसी ने प्रशासन से मांग की है कि स्क्रीनिंग की खानापूर्ति छोड़ घर-घर जाकर जांच हो।
अम्मी उठ-बैठ भी नहीं सकती जमात के संपर्क में कैसे आएगी
संक्रमित महिला के बेटे ने बताया कि अम्मी की एक किडनी 4 साल से खराब है। तीन महीने से डायलिसिस चल रहा है। वह ठीक से चल भी नहीं सकती। फिर वो कैसे तबलीग के संपर्क में आएंगी। यह सब झूठ है, न अम्मी जमात के लोगों के संपर्क में आईं आैर न ही जमात का साथी इनसे मिला है।
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