सरपंच ने काम रुकवाया तो उड़ी सोशल डिस्टेंस की धज्जियां
गुरुवार को सुबह 8.30 बजे ग्राम चिचबोड (झलमला) में सरपंच पति नरोत्तम तारम ने मनरेगा कार्य में लगे 100 मजदूरों का काम रोक दिया। इसके बाद गांव का माहौल बिगड़ गया। युवा बुजुर्ग और महिलाएं वहीं पर बैठ गईं। इस दौरान सोशल डिस्टेंस का कोई ध्यान नहीं रखा गया। विवाद के समय भी लोग सारे नियम ताक पर रख लोग इस तरह खड़े रहे।

वहीं मनरेगा मजदूर भी काम बंद होनेेे पर सामान्य दिनों की तरह ही बैठे रहे, यहां भी सोशल डिस्टेंस का कोई ध्यान नहीं रखा गया। वर्तमान सरपंच उमा बाई ठाकुर ने बताया कि यह विवाद सुबह रोजगार सहायक से मजदूरों के भुगतान संबंधित जानकारी पूछने पर हुआ। रोजगार सहायक हमें कोई भी जानकारी देने तैयार नहीं होता। 10 साल पहले के सरपंच का नाम आज भी बैंक पासबुक में चल रहा है।

 मेरे प्रभार लेने के बाद सिर्फ 6 खातेेे में मेरा नाम बदला गया। पिछला कोई रिकॉर्ड नहीं है। उपसरपंच सोहन लाल साहू ने कहा कि पंचायत का विवाद पंचायत में सुलझाना चाहिए।

मनरेगा के कार्य को ऐसे बीच में बंद नहीं करवाना चाहिए। सचिव कपिल उइके ने बताया कि सरपंच कार्यालय में कुछ नहीं बोल पाती। पिछला बैंक पासबुक में पूर्व सरपंच का नाम मेरे यहां पोस्टिंग से पहले से है।


सरपंच ने काम रुकवाया तो उड़ी सोशल डिस्टेंस की धज्जियां
When the sarpanch stopped the work, the social distance was destroyed


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