दिल्ली सहित 10 राज्यों की राजधानियों में काेराेनावायरस के खाैफ और लॉकडाउन से हत्या-दुष्कर्म जैसे अपराध की दर में 90% की कमी आई है।
बात चाहे स्ट्रीट क्राइम की हो, सेंधमारी की या फिर वाहन चोरी की, हर अपराध घटे हैं।
इसकी वजह यह है कि बड़ी संख्या में पुलिसबल सड़कों पर तैनात है। सड़क दुर्घटनाओं में भी 95% की कमी आई है।
22 मार्च को जनता कर्फ्यू के बाद से 3 अप्रैल तक इन दो हफ्तों में जो नए तरह के केस दर्ज हुए हैं, उनमें पुलिसकर्मियों से मारपीट, मास्क और सैनेटाइजर की जमाखोरी, लॉकडाउन का उल्लंघन, विदेश से आने की जानकारी छिपाना और फेक न्यूज फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई शामिल है।
भास्कर ने गुजरात, राजस्थान, मप्र, छत्तीसगढ़ समेत 10 राज्यों की राजधानियों में इसकी पड़ताल की। जयपुर में रोजाना औसतन 75 केस दर्ज होते हैं, लेकिन पिछले दो हफ्तों में कुल 132 केस ही दर्ज हुए। यानी रोजाना सिर्फ 9.4 केस दर्ज हुए। इनमें ज्यादातर लॉकडाउन उल्लंघन के हैं।
कमोबेश, यही स्थिति अन्य राजधानियों की भी है। दिल्ली में सबसे ज्यादा वाहन चोरी के केस दर्ज हुए हैं। दिल्ली पुलिस के एसीपी अनिल मित्तल का कहना है कि घर में चोरी और वाहन चोरी जैसे केस ऑनलाइन दर्ज कराने की सुविधा है।
छत्तीसगढ़ में धारा 144 उल्लंघन के अलावा विदेश से आने की जानकारी छिपाने, फेक न्यूज, गोपनीय जानकारी शेयर करने और कोरोनावायरस संक्रमण को लेकर किरायेदार को घर से निकालने का केस भी दर्ज किया गया है।
अहमदाबाद में पहली बार ऐसा हुआ है कि पुलिस ने निषेधाज्ञा उल्लंघन के मामले में 960 केस दर्ज कर 2960 आरोपी गिरफ्तार किए हैं। यह मामला जनहित याचिका से हाईकोर्ट भी पहुंच चुका है।
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