(संजय झा) .रेलवे की कैरिज एवं वैगन वर्कशॉप में देसी तकनीक से मालगाड़ी के डिब्बे को मोडिफाई करके फ्यूमिगेशन टनल में बदल दिया गया है। इसमें से गुजरने वाला व्यक्ति 6 से 12 सेकेंड में सैनिटाइज हो जाएगा। 12 कर्मियों ने 2 दिन की मेहनत के बाद यह टनल बनाई है। फिलहाल इसे वर्कशॉप में ही कर्मियों को सैनिटाइज करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर ऐसे और टनल तैयार किए जाएंगे।
मुख्य कारखाना प्रबंधक सुधांशु पंवार ने बताया कि फिलहाल यह उन कर्मचारियों के लिए तैयार किया गया है जो कोरोना वॉरियर्स के तौर पर वर्कशॉप में काम कर रहे हैं। इससे पहले वर्कशॉप में ही तैयार लाइन के पास ऑटोमैटिक सैनिटाइजेशन सिस्टम भी बनाया गया था। अब यह टनल मेन गेट के पास लगाया गया है। इसी में से होकर वर्कशॉप में एंट्री करेंगे।
डिब्बे के अंदर इस तरह गुजर कर सैनिटाइज हो रहे वॉरियर्स
वर्कशाप कर्मचारियों द्वारा यहां मास्क, सेनेटाइजर व कवर ऑल भी बनाए जा रहे हैं। कवर ऑल डाक्टर्स के लिए बनाए जा रहे हैं। इसी प्रकार यहां आइसोलेशन कोच भी तैयार किए जा रहे हैं। पहले चरण में 16 को बनाकर भेजे जा चुके है। यहां अभी 120 से अधिक कोच बनाए जाने हैं।
रेलवे के डॉक्टर्स व मेडिकल स्टाफ के लिए पीपीई के तीन नमूने तैयार
कैरिज एवं वैगन वर्कशाप में तैयार पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट (पीपीई) को रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (डीआरडीई) व रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) से मंजूरी मिल गई है। अब इसे जल्द ही बड़ी संख्या में तैयार कर मेडिकल टीम को प्रदान किया जाएगा।
इसमें स्पेशल फैब्रिक का उपयोग किया गया है। इसमें किसी भी प्रकार का वायरस पास नहीं हो सकेगा। इसकी कई राउंड टेस्टिंग कराई गई है।
इसमें खास प्रकार का टेप भी लगाया गया है, जिससे सिलाई के बाद होने वाले छिद्र से भी कुछ भी अंदर नहीं जा सके। यह डाॅक्टर्स के लिए बेहद उपयोगी होगा।
मुख्य कारखाना प्रबंधक सुधांशु पंवार ने बताया कि जगाधरी वर्कशॉप ने भारतीय रेलवे में डॉक्टरों और फ्रंटलाइन मेडिकल स्टाफ के लिए पीपीई के 3 नमूने तैयार किए थे। विशेषज्ञों जांच के बाद सभी सेंपल अप्रूव किए गए हैं। वर्कशाप को जीएम नार्दन रेलवे द्वारा परस्कृत किया गया है।
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