कोरोना पॉजिटिव संदिग्ध की इंदौर के एमवाय अस्पताल में मौत के बाद 4 अप्रैल को शव महू-नीमच रोड की चेक पोस्ट से होकर शहर के अंदर कैसे आया। इसका सरकारी अफसर पता नहीं लगा पाए हैं। कलेक्टर ने जांच ग्रामीण एसडीएम प्रवीण फूलपगारे को सौंपी थी। बताया जा रहा है कि वे रिपोर्ट बनाकर दो दिन पहले ही दे चुके हैं। इसके परीक्षण के बाद फिर कुछ सवाल सामने आए हैं। अब उनका जवाब तलाशा जा रहा है। कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया चेक पोस्ट से शव शहर के अंदर कैसे आया, इसकी जांच चल रही है। जल्द परिणाम सामने होगा।


मंगलवार को शहर में जो छह कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं उनमें एक मूलत: लोहार रोड (एक साल से इंदौर) निवासी मोहम्मद कादरी उर्फ बाबू भाई (60) का बेटा है, जिनकी 4 अप्रैल को इंदौर के एमवायएच अस्पताल इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मौत से पहले लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल ले चुके थे। बावजूद इसके रिपोर्ट आने से पहले अस्पताल प्रबंधन ने शव को परिजन को सौंप दिया।


 परिजनों ने कोरोना संदिग्ध मरीज होने की जानकारी छुपाते हुए तमाम सरकारी इंतजाम को चकमा देकर शव को शहर में लाकर गुपचुप हाट की चौकी कब्रिस्तान में दफना दिया था। इसके बाद पुलिस ने 29 लोगों पर एफआईआर दर्ज कर क्वारंटाइन कर दिया था। इनकी रिपोर्ट मंगलवार को आई।

अधिकारियों व कर्मचारियों के बयान भी लिए

ग्रामीण एसडीएम ने जांच के दौरान चेक पोस्ट पर तैनात सभी अधिकारियों व कर्मचारियों के बयान लिए हैं। बताया जा रहा है कि इसमें उन लोगों के नाम भी सामने आए है, जिन्होंने शव को चेक पोस्ट से निकालने में मदद की थी। प्रशासन अब इसकी पुष्टि करने में जुटा है। बता दें कि शुरुआत में शव को शहर में लाने के लिए दो पत्रकारों द्वारा मदद करने की बात सामने आई थी।


मेडिकल कॉलेज से रात में परिवार को मदरसे में लाए तो ली आपत्ति

कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आए लोगों को क्वारंटाइन में लिया है। सोमवार रात मृतक के परिवार के लोगों को खाचरौद रोड स्थित मदरसे में ले जाया गया। इसे देख मदरसे में रहने वाले लोगों ने हंगामा कर दिया। उनका कहना था कि दूसरे लोग भी संक्रमित हो सकते हैं। इधर, सेंट्रल स्कूल में क्वारंटाइन में रहने वालों ने भी मंगलवार को हंगामा किया। उनका कहना था व्यवस्थाएं ठीक नहीं हैं।

क्वारंटाइन मेें रखे नासिर कुरैशी ने बताया मेडिकल कॉलेज से रात 8.30 बजे पॉजिटिव के परिवार के लोगों को लेकर आए थे। ये गलत है। हमने विधायक सहित अन्य को फोन लगाकर शिकायत भी की। रात 12 बजे सभी को सेंट्रल स्कूल में लेकर गए। इधर, सेंट्रल स्कूल में रखे साजिद कप्तान इंजीनियर ने बताया स्कूल में व्यवस्थाएं ठीक नहीं थीं। मधुमक्खियां ज्यादा थीं। हमने शिकायत की थी। स्कूल में वाटर कूलर भी बंद था। हालांकि, पॉजिटिव के परिवार को अलग रखा था। इधर, सेंट्रल स्कूल में ही मोचीपुरा क्षेत्र से क्वारंटाइन में लिए लोग मैदान में बैठ गए थे। हालांकि, पुलिस ने सभी को समझाइश दी।


20 लोगों को होटल में किया शिफ्ट

सेंट्रल स्कूल में सभी व्यवस्थाओं को लेकर शिकायत कर रहे थे। सभी को रॉयल पैलेस होटल में शिफ्ट कर दिया है। वहां 56 कमरे हैं, अभी 20 लोग शिफ्ट हुए। क्वारंटाइन की संख्या बढ़ती है तो यहां आ सकेंगे।
वीडी जोशी, थाना प्रभारी, दीनदयाल नगर


उपचार की व्यवस्था करने डॉक्टरों का दल गठित

लॉकडाउन के दौरान मरीजों काे शहर के सारे अस्पतालों में सहज रूप से उपचार मिले। इसके लिए प्रशासन ने चिकित्सकों का दल बनाया है। यह दल कोरोना वायरस से बचाव सहित अन्य मामलों में प्रशासन को सुझाव भी देगा। इसमें आईएमए अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा, डॉ. गोपाल यादव, डॉ. शैलेंद्र चौरासी, निजी चिकित्सक डॉ. दीनदयाल काकानी, डॉ. मनीष गुप्ता तथा हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. लेखराज पाटीदार शामिल हैं।
How the bodies were brought to the city by check post, could not find out even in 6 days

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