डूंगरपुर के सीमलवाड़ा निवासी कोरोना पॉजिटिव 22 वर्षीय युवक औकआसपुरा तहसील के पारड़ा साेलंकी गांव के 11 वर्षीय किशाेर काे सोमवार को आरएनटी की सुपर स्पेशियलिटी विंग के कोरोना पॉजिटिव वार्ड में भर्ती किया है। 22 वर्षीय युवक ने बताया कि वह तब्लीगी जमात से जुड़ा है। इसी के सिलसिले में 23 फरवरी से 26 मार्च तक गुजरात के गोधरा स्थित हल्का नंबर-5 में रहा था।
60-70 लाेग साथ ही नमाज अदा करते थे
युवक ने बताया कि वहां करीब 60-70 लाेग साथ ही नमाज अदा करते थे। 27 को सीमलवाड़ा आए तो अस्पताल में जांच कराई। इसके बाद चार दिन घर के एक कमरे में क्वारेंटाइन रहा। घर में माता-पिता, भाई-भाभी, बहन और ढाई साल की बच्ची है। इसके बाद उसे गांव के पास एक हॉस्टल में क्वारैंटाइन किया गया। उस हॉस्टल में 17 अन्य साथी भी रहते थे, जिनकी रिपोर्ट अभी निगेटिव आई है। युवक ने बताया कि वह चार माह के चिल्ले पूरे करने के बाद दिल्ली स्थित मरकज में एक दिन के लिए जाना चाहता है।
डूंगरपुर जिला प्रशासन और गुजरात सरकार युवक के संपर्क में आने वाले सभी लोगों की तलाश और संक्रमण के केंद्र को ढूंढने में जुट गए हैं। यह युवक तब्लीगी जमात से संबंध रखता है या नहीं, और कितने लोग इसके संपर्क में रहे हैं, यह हकीकत पुलिस जांच के बाद सामने आएगी। वहीं संभाग का अब तक का सबसे छोटा 11 साल का कोरोना पॉजिटिव किशोर, हालही में पॉजिटिव से निगेटिव हुए पिता-पुत्र-दादा के ही परिवार से है।
उदयपुर के लाेगाें की सुधर रही सेहत : बांसवाड़ा के पिता-पुत्र के संपर्क में आए 100 घरों के 500 लोगों को तलाश रही है मेडिकल टीम
सुपर स्पेशियलिटी के कोरोना पॉजिटिव वार्ड में भर्ती रजा कॉलोनी, मल्लातलाई के भाई-बहन, नर्स ताई-ताऊ की सेहत में लगातार सुधार हो रहा है। वहीं कुशलगढ़ बांसवाड़ा के पिता-पुत्र को भी फिलहाल ताे काेई परेशानी नहीं हुई है लेकिन डाॅक्टर फिर भी पूरी एहतियात बरतरहे हैं। बांसवाड़ा में पिता-पुत्र की हिस्ट्री खंगाल रही आरएनटी की रेपिड रिस्पोंस टीम को पता लगा है कि वहां विभिन्न कार्यक्रम और नमाज के दौरान करीब 100 घरों के 500 लोग इनके संपर्क में आए, जिनकी लिस्टिंग और टेस्टिंग का काम चल रहा है। यह किशोर 3 मार्च को उदयपुर में क्रिकेट खेलने अपने साथियों के साथ आया था।
किशोर बोला : कोरोना वायरस बहुत बुरा है, भाई के पास सोने से मुझे भी चिपक गया, सर्दी-बुखार-खांसी कर दी
11 साल के किशोर उमेश (परिवर्तित नाम) ने बताया कि यहां भर्ती गजेंद्र (परिवर्तित नाम) उसके ताऊ हैं। वह अपने माता-पिता के साथ इंदौर में रहता है। वह 25 मार्च को बाइक से इंदौर से गांव आया था। किशोर ने बताया कि वह उस रात कोरोना पॉजिटिव रहे गजेंद्र के बेटे के पास ही सो गया था।
जिसे 11 दिन बाद बुखार-खांसी-सर्दी की शिकायत हुई तो डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज के कोरोना आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया। जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद आरएनटी रैफर कर दिया गया। 11 साल के किशोर ने बताया कि यह वायरस बहुत खराब है, जो ताऊ के बेटे के पास सोने से ही उससे चिपक गया और उसने बहुत तेज बुखार-खांसी-सर्दी कर दी।
किशोर का कहना है कि यह कोरोना वायरस उसके पूरे परिवार के लिए अभिशाप बनकर आया है, परिवार के 6 लोगों को अपनी चपेट में ले लिया।
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