कोटा में कोरोना का पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद रामगंजमंडी उपखंड क्षेत्र में सतर्कता पहले से तेज कर दी है। सोमवार को एसडीएम सीएल मीणा ने अधिकारियों की बैठक लेकर स्पष्ट निर्देश दिए कि लॉकडाउन का सख्ती से पालन करवाया जाए। एसडीएम ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि जो लोग अभी तक लॉकडाउन काे मजाक रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाए। नियमानुसार उनकी गिरफ्तारी की जाए और उनको जेल भेजने की प्रक्रिया की जाए।
वहीं, एसडीएम ने 7 अप्रैल से राशन, सब्जी, दूध की दुकानें दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक ही खोलने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद दुकानें खुली मिलीं तो कार्रवाई की जाएगी। कोटा के हालात देखते हुए अब कोटा की सीमा सील कर दी है।
उपखंड क्षेत्र का कोई भी व्यक्ति अब न तो कोटा जा सकेगा और न ही कोटा से कोई रामगंजमंडी उपखंड में आ सकेगा।
बैठक में ब्लॉक सीएमओ डॉ. रईस खान ने अपनी तैयारियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहले 11 टीमें काम कर रही थीं, जिसको बढ़ाकर 14 कर दिया है।
टीमें घर-घर जाकर स्क्रीनिंग का काम कर रही हैं। वहीं, चेकपोस्टों को बढ़ाया गया है। बाहर से आने वाले लोगों पर पुलिस की मदद से पूरी नजर रखी जा रही है।
अगर कोई संदिग्ध मरीज दिखाई देता है तो उसे तुरंत कोटा रेफर किया जा रहा है।
सोमवार को भी सालेड़ाकला गांव में एक महिला संदिग्ध दिखी तो उसे कोटा रेफर किया है। उसका पति जोधपुर से आया था, उसे होम कोरेंटाइन किया गया था। उसकी तबीयत तो सही है, पर पत्नी को खांसी है।
डिप्टी बोले- अब समझाइश नहीं, सीधे लॉकअप में ले जाएंगे
डिप्टी मनजीत सिंह और सीआई हरीश भारती ने बताया कि लापरवाही पर कार्रवाई की जा रही है, लेकिन मंगलवार से सख्ती और तेज की जाएगी। लोगों को बार-बार समझा रहे हैं, लेकिन वे नहीं मान रहे हैं। ऐसे में अब बेवजह बाजारों में घूमने वालों को सीधा लॉकअप में बंद किया जाएगा। डिप्टी सिंह ने बताया कि लोग पालन नहीं करेंगे उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188 में कार्रवाई की जाएगी। इस धारा के तहत 1 से 6 महीने तक का साधारण कारावास और जुर्माना का प्रावधान होता है।
दुकानों पर ज्यादा वसूली के लिए निगरानी दल गठित
बैठक में एसडीएम ने कहा कि किराना समेत अन्य दुकानों वाले ज्यादा राशि ले रहे हैं। ऐसी शिकायतें आ रही हैं, ऐसे में एक निगरानी दल गठित किया गया है। ये दल दुकानों पर जाकर पड़ताल करेगा और दोषियों पर कार्रवाई करेगा। कर्मचारी ग्राहक बनकर दुकानों तक जाएंगे और सच्चाई जानेंगे। ज्यादा राशि लेने वालों की दुकानें सीज की जाएंगी।
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