(विक्की कुमार/पिंकेश शर्मा)नांदेड़ से 27 अप्रैल को 7 बसों में रवाना हुए 280 श्रद्धालु बुधवार शाम 6 बजे अमृतसर तो पहुंच गए मगर उनकी बसों को पुलिस-प्रशासन ने गोल्डन गेट के बाहर जीटी रोड पर ही रोक लिया। कारण, जिला प्रशासन और सेहत महकमे ने स्पष्ट नहीं किया था कि इन्हें किस क्वारंटाइन सेंटर में ले जाना है। इसके चलते श्रद्धालु परेशान होते रहे। बदइंतजामी और सेहत महकमे की टीम न पहुंचने से नाराज श्रद्धालु सड़क पर बैठकर वाहेगुरु का जाप करने लगे। डेढ़ घंटे बाद, रात लगभग 8 बजे जिला प्रशासन के निर्देशों पर पुलिस ने श्रद्धालुओं को छेहर्टा और फताहपुर में क्वारंटाइन सेंटरों में तब्दील किए गए डेरा ब्यास के सत्संग स्थलों में पहुंचा दिया।
पनबस की 7 बसों में अमृतसर पहुंचे श्रद्धालुओं के अनुसार, नांदेड़ में उनके दो-दो बार टेस्ट किए गए। वह चाहते हैं कि अमृतसर में भी सेहत महकमा उनके टेस्ट करवाए। उनके साथ बच्चे और बुजुर्ग भी हैं। अमृतसर में पुलिस ने उनकी बसों को गोल्डन गेट के पास रोक लिया। बसों के पहुंचने की पूर्व सूचना के बावजूद जिला प्रशासन और सेहत महकमे का कोई नुमाइंदा वहां मौजूद नहीं था। डेढ़ घंटे तक नहीं बताया कि उन्हें ठहराना कहां है? उधर सेनोडल अफसर मनजीत रटौल ने बताया कि वीरवार को सभी श्रद्धालुाअें के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जाएंगे।
2 लोग घर पहुंचे, पुलिस में शिकायत
इन श्रद्धालुओं में से 2 श्रद्धालु सीधे ही अपने घर पहुंच गए हैं। वे श्रद्धालु सुल्तानविंड रोड के बताए जाते हैं। उनकी शिकायत पुलिस को कर दी गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
बसों के साथ आए पनबस के 28 मुलाजिम बोले- हमें अलग क्वारंटाइन सेंटरों में रखा जाए
श्रद्धालुओं को लेकर लौटी पनबस की हर बस में तीन-तीन ड्राइवर और एक-एक कंडक्टर था। लोगों के साथ पनबस के यह 28 कर्मचारी भी सड़क पर परेशान होते रहे। बसों के साथ आए पनबस के कंडक्टर कुलजीत सिंह ने बताया कि महाराष्ट्र से लगभग 25 और बसें अमृतसर आनी हैं। श्रद्धालुओं को लेकर अमृतसर पहुंचे पनबस के ड्राइवर गुरजीत सिंह और साहिब सिंह ने कहा कि उन्हें संगत के साथ ही क्वारंटाइन सेंटरों में रहने को कहा जा रहा है। वह क्वारंटाइन सेंटरों में रहने को तैयार हैं मगर उनकी मांग है कि उन्हें संगत के साथ न रखकर दूसरे क्वारंटाइन सेंटरों में रखा जाए।
पुलिस तय करती है रूट : सुभाष
हमारा प्रशासन से पूरा कोआर्डिनेशन है। पुलिस ने अपने तरीके से इन बसों के रूट तय होने होते हैं।
- सुभाष चंद, बस स्टैंड मैनेजर
हम प्रशासन की डायरेक्शन पर काम करते हैं: डीसीपी
पुलिस फोर्स सुबह से खड़ी थी। हमें सिविल प्रशासन से जैसे डायरेक्शन मिलती है, लोगों को वहां ले जाते हैं। डीएसपी के साथ एसडीएम इंवॉल्व हैं। पुलिस उन्हें सिर्फ असिस्ट कर रही है।
-जगमोहन सिंह, डीसीपी लॉ एंड ऑर्डर
221 श्रद्धालुओं में से आज आएगी कईयों की रिपोर्ट
नांदेड़ से आने के बाद क्वारंटाइन किए गए 221 श्रद्धालुओं के सैंपल लेकर सेहत विभाग ने जांच के लिए भेज दिए हैं। बुधवार को इनमें से 18 सैंपल की प्राइमरी रिपोर्ट पॉजीटिव आई। कन्फर्मेशन रिपोर्ट वीरवार को आएगी। सेहत विभाग के साथ-साथ कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश सोनी को भी आशंका है कि नांदेड़ से आ रहे लोगों में बड़ी संख्या कोरोना मरीज हो सकते हैं। सोनी ने कहा कि पंजाब सरकार ने नांदेड़ से आने वाले सभी लोगों को 21 दिन क्वारंटाइन सेंटरों में रखने का प्रबंध किया है। ऐसे में इनके पारिवारिक मेंबरों को घबराने की जरूरत नहीं है।
16 बसों में हरिके पहुंचे तरनतारन के 500 लाेग
हरिके पत्तन। हजूर साहिब से बुधवार शाम तरनतारन के 500 लाेग 16 बसाें में हरिके पहुंचे। इन्हें हरिके में ही राेक कर जिले के विभिन्न क्वारंटाइन सेंटराें में भर्ती करवाने की प्रक्रिया देररात तक जारी रही। यह सभी लाेग लाॅकडाउन से पहले के ही हजूर साहिब गए थे।

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