कोरोना के चलते जहां पूरे देश में लॉकडाउन और पंजाब में कर्फ्यू लगाया गया है वहीं दूसरे राज्यों में फंसे लोगों को पंजाब में लाने के लिए राज्य सरकार द्वारा सराहनीय प्रयास किए जा रहे हैं।
इसी के तहत मजदूरी के लिए राजस्थान गए कई लोग लॉकडाउन होने से वहां ही फंस गए थे। पंजाब सरकार द्वारा मंगलवार को राजस्थान में मजूदरी के लिए गए 2585 लोगों को गुमजाल के रास्ते से स्क्रीनिंग करने के बाद बसों के जरिए उनके घरों तक पहंचाया।
मजदूरों को वापस अपने घरों तक पहुंचाने के लिए पंजाब सरकार के सार्थक प्रयास के चलते विभिन्न स्थानों से आई लगभग 5 दर्जन बसें मंगलवार सुबह राजस्थान-पंजाब अंतरराज्यीय सीमा पर स्थित गांव गुमजाल में पहुंचने पर स्वास्थ्य कर्मियों की 2 दर्जन से अधिक टीमें बाहर से आए लोगों की जांच कर रही हैं। इस दौरान डीसी फाजिल्का अरविंदपाल सिंह संधू, एसएसपी फाजिल्का हरजीत सिंह, सिविल सर्जन फाजिल्का डॉ. सुरेंद्र सिंह ने गांव गुमजाल के नजदीक स्थित राजस्थान-पंजाब अंतरराज्यीय सीमा का दौरा करके सारी स्थिति का जायजा लिया और जांच से कोई न छूट पाए इसकाे सुनिश्चित करने के आदेश दिए।
सभी को जांच करने के बाद किया रवाना
श्रीगंगानगर रोड पर गांव गुमजाल के नजदीक स्थित अंतरराज्यीय सीमा पर पहुंची 61 बसों की सवारियों की सुबह से ही मेडिकल जांच की जा रही है। 2 हजार लोगों की जांच और उनके जिले की पहचान की जा चुकी थी। अंतरराज्यीय सीमा पर सेवा दे रहे कर्मियों के अनुसार सभी की जांच के बाद उनके गंतव्यों की ओर रवाना कर दिया जाएगा।
राजस्थान से लौटने वालों में छात्र भी शामिल
राजस्थान से लौटे मजदूरों की जांच के लिए सुबह ही टीम गांव गुमजाल पहुंच गई थी। हेल्थ विभाग सभी मजदूरों और छात्रों की स्क्रीनिंग कर रहा है। वहीं, दोपहर तक जांच के दौरान फाजिल्का के 35 लोगों की पहचान हुई, जिनमें 6 स्टूडेंट्स अबोहर के हैं। अबोहर के ये विद्यार्थी कोटा (राजस्थान) से मंगलवार सुबह ही लौटे हैं। इनके सैंपल लिए गए हैं।
राधा-स्वामी सत्संग ब्यास से आया खाना
गांव गुमजाल में फंसे 2585 लोगों के लिए राधा-स्वामी सत्संग ब्यास के श्रद्धालुओं ने भोजन के लगभग 3 हजार पैकेटों की व्यवस्था की। इसके साथ ही गुरुद्वारा हरीपुरा प्रबंधक कमेटी, गांव गुमजाल व उस्मानखेड़ा की पंचायतों द्वारा भी उपस्थित मजूदरों, स्वास्थ्य कर्मियों व प्रशासनिक अधिकारियों के लिए लंगर लगाया गया।
फाजिल्का से जुड़े लोग क्वारेंटाइन, बाकियों को बस से घर भेजा
डीसी ने कहा कि 8 पेट्रोल पंपों पर मजदूरों की स्क्रीनिंग 25 टीमों ने की। फाजिल्का के लोगों को रिपोर्ट आने तक क्वारेंटाइन सेंटरों में रखा है। दूसरे जिलों के लोगों को बसों से रवाना कर दिया है।
मजदूर कहां-कहां से
| फाजिल्का | 1104 |
| मुक्तसर | 683 |
| बठिंडा | 300 |
| फरीदकोट | 217 |
| फिरोजपुर | 57 |
| मानसा | 23 |
| पटियाला | 20 |
| जालंधर | 15 |
| लुधियाना | 11 |
| मोगा | 32 |
| बरनाला | 20 |
| कपूरथला | 29 |
| संगरूर | 74 |

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