जिला प्रशासन की ओर से कोरोना वायरस को हराने के लिए लोगों को सोशल डिस्टेंस मेंटेन रखने के लिए लगातार समझा रहा है। इसका असर भी अब दिखाई देने लगा है। दूसरी तरफ बैंकों ने डोर-टू-डोर पेंशन बांटने का काम शुरू कर दिया गया है।
डीसी मोहम्मद इश्फाक ने बताया कि कोविड-19 के प्रभाव को रोकने के लिए लगाए गए कर्फ्यू के दौरान जिले के बुढ़ापा व अन्य लाभपात्रियों को सुचारू ढंग से घर-घर पेंशन पहुंचाने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
बैंकों में तैनात 216 बिजनेस कॉर्सपांडेंट्स और कस्टमर सर्विस पर्सन्ज की ओर से घर-घर पेंशन बांटी जा रही है। डीसी ने कहा है कि इस दौरान कर्मचारी सोशल डिस्टेंसिंग का भी ध्यान रखें।
बैंकों के बाहर 6-6 फुट के अंतर पर लगवाई कुर्सियां
प्रशासन के द्वारा बार-बार अपील करने पर अब लोग खुद भी सोशल डिस्टेंस मेंटेन कर रहे हैं। कर्फ्यू के दौरान बैंकों के बाहर अकसर लोगों की भीड़ जमा हो जाती थी।
इसे रोकने लिए सोमवार को बैंकों ने नया प्रयास किया है। इसके तहत बैंकों के बाहर उपभोक्ताओं के बैठने के लिए छह-छह फीट की दूरी पर कुर्सियां लगवा दी गई हैं ताकि भीड़ न होने पाए। ऐसे प्रयास कोरोना के खिलाफ जंग में जीत के लिए सहायक साबित हो सकते हैं। वहीं हमें भी सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखना चाहिए। आप सभी के सहयोग से ही हम कोरोना के खिलाफ जंग जीत सकते हैं। जितना ज्यादा हो सके सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।
जिले में 1.88 लाख लाभपात्रों को मिलेगा फायदा
जिले में बुढ़ापा और अन्य स्कीमों के लाभपात्रियों की संख्या 1 लाख 88 हजार 51 है। इनमें बुढ़ापा पेंशन के 1 लाख 34 हजार 690, विधवा पेंशन स्कीम के 28 हजार 710, आश्रित बच्चे 11 हजार 892 और दिव्यांग लाभपात्री 12 हजार 759 हैं। डीसी ने कहा कि सभी को सुरक्षित रखने के लिए ही कर्फ्यू लगाया गया है। इसलिए लोग घरों से बाहर न निकलें। सरकार के निर्देश पर लाभपात्रियों को घर पर ही पेंशन उपलब्ध कराई जा रही है। कोरोना वायरस से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंस बहुत जरूरी है, इसे लेकर किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए।
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