कोरोना से जंग में शासकीय चिकित्सक व पुलिस कर्मचारी दिन-रात सेवा दे रहे हैं। वहीं शहर में एक चिकित्सक ऐसे भी हैं जो बिना शुल्क एक माह से क्वारंटाइन में जनसेवा कर रहे हैं।
20 दिन से अपने घर भी नहीं गए। गुरुवार को पत्नी का जन्मदिन होने पर बच्चों की जिंद पर पांच मिनट के लिए घर गए। दरवाजे के बाद से ही केट कटवाया व पत्नी को शुभकामनाएं दीं। इसके बाद वापस क्वारंटाइन सेंटर चले गए।
डॉ. बोराना ने बीएएमएस कर रखा है। कोरोना का संकट शुरू होते ही फ्री सेवा देने की इच्छा जताई। इन्होंने जिला प्रशासन को सेवा के लिए आवेदन भी दे रखा है।
चिकित्सक ना होते हुए रेवास देवड़ा रोड स्थित क्वारंटाइन सेंटर पर फ्री काम कर रहे। यह करीब 20 मार्च से डॉ. डी.के. शर्मा, निशांत शर्मा व दिनेश शर्मा के मार्गदर्शन में जुटे हैं।
6 अप्रैल को जिले में कोरोना पॉजिटिव की आशंका लगते ही, बोरोना ने अपने घर जाना बंद कर दिया।
गुरुवार रात को पत्नी भावना का जन्मदिन था। परिवार व बच्चों की जिद पर घर तो पहुंचे लेकिन बाहर से ही अपने बच्चों को निहारा व पत्नी ने केक काटा।
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